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उत्तराखंड: भागीरथी में डाला जा रहा था शहर का कूड़ा, शासन ने अधिशासी अधिकारी को किया निलंबित

Sat, 08 Dec 2018 08:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी/देहरादून Updated Sat, 08 Dec 2018 08:37 AM IST
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Sewer or garbage in the Ganges and rivers now charge daily penalty of 5000 rupees
भागीरथी गधेरे में में फेंका गया कूड़ा - फोटो : amar ujala

गंगा-भागीरथी के किनारे टनों कूड़ा उड़ेले जाने के मामले में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुशील कुरील को निलंबित कर दिया गया है। शासन से हुई इस कार्रवाई के बाद जांच के दायरे में आ रहे पालिका के अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा है। 

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वर्षों से नगर पालिका बाड़ाहाट का कूड़ा तेखला गदेरे में डंप किया जा रहा है। यहां से कूड़ा बहकर गंगा-भागीरथी को प्रदूषित कर रहा है। इसका संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने एक नवंबर 18 को तेखला गदेरे में कूड़ा डंप करने पर रोक के आदेश दिए थे। इसके बाद से नगर का सारा कूड़ा नगर के मध्य रामलीला मैदान में डंप किया जा रहा है। इस बीच निकाय बोर्ड शपथ ग्रहण का कार्यक्रम रामलीला मैदान में प्रस्तावित हुआ, तो इससे पूर्व 30 नवंबर की रात को पालिका प्रशासन ने रात यहां जमा कचरा देवीधार से नालूपाणी के बीच गंगा-भागीरथी के किनारे पहाड़ी ढाल पर वन भूमि पर फिंकवा दिया। 
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भारी मात्रा में कूड़ा फेंके जाने से मामला तूल पकड़ गया। इस मामले में वन विभाग ने पालिका के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज करने और डीएम डा. आशीष चौहान ने भी अधिशासी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की। गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने भी इस मामले में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से शिकायत की थी। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक के अनुसार अधिशासी अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शुक्रवार को निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए।

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कूड़ा डंप करने के लिए नहीं तलाशी जा सकी जगह 

अभी मुझे लिखित में निलंबन का आदेश नहीं मिला है। शासन के समक्ष अपना पक्ष रखूंगा। शपथ ग्रहण से पूर्व रामलीला मैदान में जमा कूड़े को बड़कोट डंपिंग जोन में फिंकवाने के आदेश दिए गए थे। किस वजह से यह कूड़ा रास्ते में ही फेंका गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है, यह जांच में सामने आ जाएगा।
- सुशील कुरील, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, बाड़ाहाट उत्तरकाशी

शपथ ग्रहण से पूर्व तक पालिका में प्रशासक तैनात थे। ऐसे में कूड़े का निस्तारण प्रशासक की जिम्मेदारी थी। बार-बार मांग करने पर भी प्रशासन कूड़ा डंपिंग जोन के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। ऐसे में अधिशासी अधिकारी को एकतरफा निलंबित किया जाना हैरान करता है। जिला प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहा है।
-रमेश सेमवाल, अध्यक्ष नगर पालिका बाड़ाहाट उत्तरकाशी

कूड़ा गंगा-भागीरथी के किनारे फेंके जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन की तलाश ठंडे बस्ते में है। हाईकोर्ट की ओर से तेखला गदेरे में कूड़ा डालने पर रोक लगाने को एक माह से अधिक समय बीतने पर भी जमीन नहीं तलाशी जा सकी है। ऐसे में नगर से रोजाना निकल रहा टनों कूड़ा रामलीला मैदान में डंप लिया जा रहा है। इससे उठती दुर्गंध और कीट पतंगों के कारण नगरवासियों का जीना दूभर हो गया है। सब्जी मंडी के निकट कूड़े के ढेर लगे होने से सब्जियों के माध्यम से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। इसे लेकर पालिका और जिला प्रशासन के अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं है।

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