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बाढ़ की भेंट चढ़ी कई हेक्टेयर कृषि भूमि
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बाड़वाला क्षेत्र में खेतों में घुसा मलबा।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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उत्तरकाशी जिले मेें बादल फटने से उफान पर आई यमुना नदी में अंबाड़ी से लेकर कुल्हाल तक कई हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई। वहीं, कई हेक्टेयर कृषि भूमि दबान की भेंट चढ़ गई। कई खेतों में रेत की कई इंच मोटी परत जमी हुई है, जिससे काश्तकारों की चिंता बढ़ गई है। काश्तकारों ने नदियों के किनारे बाढ़ सुरक्षा कार्य कराने के साथ ही मुआवजे की मांग की है।
मालूम हो कि बीते शनिवार देर रात उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से टौंस नदी उफान पर आ गई थी। हरिपुर के पास यह नदी यमुना में मिल जाती है। इससे रविवार को यमुना नदी भी उफान पर आ गई। नदी का पानी अंबाड़ी, ढकरानी, डाकपत्थर, ढालीपुर, नवाबगढ़, भीमावाला क्षेत्रों में खेतों मेें जा घुसा। इससे कई हेक्टेयर धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। वहीं, कई हेक्टेयर कृषि भूमि भू कटाव की भेंट चढ़ गई। सोमवार को जब जलस्तर कम हुआ, तो हर तरफ खेतों में रेत ही रेत भरा पड़ा था। पानी के साथ बहकर आए लकड़ भी खेतों में घुसे हुए थे। अब भी कई इलाकों में नदी का पानी खेतों के किनारे से बह रहा है। इससे भू कटाव का खतरा बना हुआ है।
अंबाड़ी के काश्तकार मेघा, अफजल, खेमचंद कोहली, शमीम, खीमा, वीरेंद्र आदि का कहना है कि उन्होंने उधार लेकर इस बार धान की फसल बोई थी, लेकिन अब फसल के दबान की भेंट चढ़ने से सब कुछ चौपट हो गया है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजा भुगतान की गुहार लगाई है। वहीं, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि लेखपालों से क्षति के आकलन की रिपोर्ट मांगी गई है। विभागीय प्रावधानों के अनुसार पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।
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मालूम हो कि बीते शनिवार देर रात उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से टौंस नदी उफान पर आ गई थी। हरिपुर के पास यह नदी यमुना में मिल जाती है। इससे रविवार को यमुना नदी भी उफान पर आ गई। नदी का पानी अंबाड़ी, ढकरानी, डाकपत्थर, ढालीपुर, नवाबगढ़, भीमावाला क्षेत्रों में खेतों मेें जा घुसा। इससे कई हेक्टेयर धान की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। वहीं, कई हेक्टेयर कृषि भूमि भू कटाव की भेंट चढ़ गई। सोमवार को जब जलस्तर कम हुआ, तो हर तरफ खेतों में रेत ही रेत भरा पड़ा था। पानी के साथ बहकर आए लकड़ भी खेतों में घुसे हुए थे। अब भी कई इलाकों में नदी का पानी खेतों के किनारे से बह रहा है। इससे भू कटाव का खतरा बना हुआ है।
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अंबाड़ी के काश्तकार मेघा, अफजल, खेमचंद कोहली, शमीम, खीमा, वीरेंद्र आदि का कहना है कि उन्होंने उधार लेकर इस बार धान की फसल बोई थी, लेकिन अब फसल के दबान की भेंट चढ़ने से सब कुछ चौपट हो गया है। उन्होंने तहसील प्रशासन से मुआवजा भुगतान की गुहार लगाई है। वहीं, एसडीएम कौस्तुभ मिश्र ने बताया कि लेखपालों से क्षति के आकलन की रिपोर्ट मांगी गई है। विभागीय प्रावधानों के अनुसार पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा।

जलालिया के पास खेतों में मलबा आने से तबाह हुई फसल को देखता काश्तकार।- फोटो : VIKAS NAGAR

यमुना नदी के उफान पर आने से अंबाड़ी क्षेत्र में खेतों में हुआ कटाव।- फोटो : VIKAS NAGAR
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