उत्तराखंड के इन शिक्षकों को सलाम, राष्ट्रपति देंगे सम्मान
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प्रदेश के सात शिक्षकों को ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ के लिए चुना गया है। पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर इन्हें विज्ञान भवन नई दिल्ली में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इनमें चार शिक्षक प्रारंभिक शिक्षा और तीन माध्यमिक शिक्षा के हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने वर्ष 2015 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इसके लिए चयनित प्रदेश के सात शिक्षकों में चार कुमाऊं मंडल से और तीन गढ़वाल मंडल से हैं। मंत्रालय ने राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को यह जानकारी भेजी है। वहीं, शिक्षकों को सीधे भी इसकी सूचना दी गई है।
पुरस्कार स्वरूप शिक्षकों को ताम्र पत्र और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर दो साल का सेवा विस्तार भी मिलेगा। बेसिक शिक्षा निदेशक सीमा जौनसारी ने शिक्षकों के चयन पर खुशी जताते हुए सभी को बधाई दी है।
जानिए, कैसे होता है देश के श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन
हर साल शिक्षकों को ब्लॉक स्तर से नामित किया जाता है। ब्लॉक से इनकी सूची मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजी जाती है। सीईओ कार्यालय की कमेटी इनका चयन कर निदेशालय को सूची भेजती है और निदेशालय से इसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेजा जाता है।
बेसिक शिक्षा में ये शिक्षक होंगे पुरस्कृत
-हुकम सिंह उनियाल, प्रधानाध्यापक, राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, देहरा 55 राजपुर रोड, देहरादून
-विद्या लोहानी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, बाजपुर, ऊधमसिंह नगर
-रजनी नेगी प्राथमिक विद्यालय खगेली (वर्तमान में राजकीय आदर्श विद्यालय गौचर में पदस्थापित हैं)
-कल्याण सिंह मनकोटी, सहायक अध्यापक, राजकीय जूनियर हाईस्कूल, चनौली, अल्मोड़ा
माध्यमिक के ये शिक्षक होंगे पुरस्कृत
-विपिन चंद पांडे, प्रवक्ता हिंदी, एचएन इंटर कालेज, हल्द्वानी, नैनीताल
-प्रदीप डबराल, प्रधानाचार्य, श्रीगुरु राम राय इंटर कालेज, भाऊवाला, देहरादून
-नंदा रावत, प्रधानाचार्य, गंगोत्री गर्ब्याल, राजकीय बालिका इंटर कालेज, पिथौरागढ़