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Dehradun News: रैगिंग रोकने को नए एमबीबीएस छात्रों का अलग ठिकाना
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दून मेडिकल कॉलेज में नए एमबीबीएस छात्रों को रैगिंग से बचाने के लिए इस बार शुरुआत से ही अलग व्यवस्था की गई है। प्रथम वर्ष में दाखिला लेने वाले छात्रों को सीनियर छात्रों से अलग इंटर्न हॉस्टल में ठहराया जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने यह कदम परिसर में रैगिंग की आशंका को कम करने के लिए उठाया है।
प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने नए छात्रों के आवास को लेकर व्यवस्था तय कर दी है। इसके साथ ही एंटी रैगिंग सेल और हॉस्टल वार्डन को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रशासन नए छात्रों की गतिविधियों और हॉस्टल व्यवस्था पर नजर रखेगा।
दरअसल, दून मेडिकल कॉलेज में पहले रैगिंग से जुड़े दो मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में नए बैच के छात्रों के कॉलेज पहुंचते ही प्रशासन ने एहतियाती इंतजाम शुरू कर दिए हैं। अलग हॉस्टल में रखने का मकसद नए छात्रों का सीनियर्स से शुरुआती संपर्क सीमित करना है, ताकि रैगिंग की किसी भी संभावना को शुरुआत में ही रोका जा सके।
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प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने नए छात्रों के आवास को लेकर व्यवस्था तय कर दी है। इसके साथ ही एंटी रैगिंग सेल और हॉस्टल वार्डन को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज प्रशासन नए छात्रों की गतिविधियों और हॉस्टल व्यवस्था पर नजर रखेगा।
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दरअसल, दून मेडिकल कॉलेज में पहले रैगिंग से जुड़े दो मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में नए बैच के छात्रों के कॉलेज पहुंचते ही प्रशासन ने एहतियाती इंतजाम शुरू कर दिए हैं। अलग हॉस्टल में रखने का मकसद नए छात्रों का सीनियर्स से शुरुआती संपर्क सीमित करना है, ताकि रैगिंग की किसी भी संभावना को शुरुआत में ही रोका जा सके।
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