फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Sena Medal Honor to Martyr Major Chitresh Bisht on Army day 2020

सेना मेडल से नवाजे गए शहीद मेजर चित्रेश, बेटे का मेडल देख पिता की आंखें हुईं नम

Wed, 15 Jan 2020 11:47 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 15 Jan 2020 11:47 PM IST
सार

  • दिल्ली में आर्मी डे के मौके पर शहीद के पिता लिया सम्मान
  • पिछले साल 16 फरवरी को सरहद पर शहीद हुए थे मेजर चित्रेश 

विज्ञापन
Sena Medal Honor to Martyr Major Chitresh Bisht on Army day 2020
शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट को सेना मेडल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साल 2019 में 16 फरवरी को सरहद पर शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट को मरणोपरांत ‘सेना मेडल’ प्रदान किया गया है। स्वतंत्रता दिवस पर घोषित वीरता पदकों की सूची में वीर जांबाज का नाम भी शामिल था।

विज्ञापन


बुधवार को सेना दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने शहीद चित्रेश बिष्ट के पिता सुरेन्द्र सिंह बिष्ट यह मेडल सौंपा। बेटे की वीरता का मेडल लेते हुए पिता की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन


पिछले वर्ष 16 फरवरी को राजौरी के नौसेरा सेक्टर में हुए आईईडी ब्लास्ट में वे शहीद हो गए थे। आतंकियों ने एलओसी पार कर यहां पर इ-प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाया हुआ था। सूचना मिलने पर सैन्य टुकड़ी ने इलाके में सर्च आपरेशन चलाया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

मेजर चित्रेश इंजीनियरिंग कोर में तैनात थे और उन्हें आईईडी को डिफ्यूज करने में महारत हासिल थी। लेकिन इसी बीच आईईडी ब्लास्ट होने से वे शहीद हो गए। मूलरूप से अल्मोड़ा जिले के रानीखेत तहसील के पिपली गांव के रहने वाले मेजर चित्रेश बिष्ट का परिवार देहरादून के ओल्ड नेहरू कालोनी में रहता है।

उनके पिता सुरेंद्र सिंह बिष्ट उत्तराखंड पुलिस से इंस्पेक्टर पद से रिटायर हैं। सरहद पर शहादत के दौरान मेजर चित्रेश की उम्र 28 साल थी। भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर वे वर्ष 2010 में पासआउट हुए थे।

मेजर चित्रेश की शहादत की खबर उस समय आई जब घर पर उनकी शादी की तैयारियां चल रहीं थी।  मेजर चित्रेश की शादी सात मार्च 2019 को होनी थी। शादी के कार्ड भी बंट चुकेथे। लेकिन इससे पहले दून का यह लाल देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed