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तीस मिनट में कीजिए हसीन वादियों का दीदार

Sun, 20 Dec 2015 01:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 20 Dec 2015 01:49 PM IST
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see mussoorie through helicopter.

मसूरी और आसपास की हसीन वादियों का हवाई दीदार करना चाहते हैं तो आपके लिए हिमालय दर्शन योजना शुरू हो गई है।

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प्रति यात्री 5,725 रुपये खर्च करके तीस मिनट में मसूरी और टिहरी झील के हसीन दीदार कर सकते हैं। फिलहाल शनिवार और रविवार को इस उड़ान का आनंद लिया जा सकता है। एक ट्रिप में हेलीकाप्टर में पांच यात्री आराम से इस रोमांच का यात्रा का लुत्फ उठा सकते हैं।

शनिवार को प्रदेश सरकार की ‘हिमालय दर्शन योजना’ का शुभारंभ पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने पहले ट्रिप के हेलीकाप्टर को हरी झंडी दिखाकर किया। सुबह सवा दस बजे छह यात्रियों को लेकर देहरादून हेलीपैड से यूटी एयर ने उड़ान भरी। इस दौरान पर्यटन मंत्री ने कहा कि योजना उत्तराखंड के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।
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उन्होंने कहा कि इस तरह की योजनाएं कई जगहों पर चल रही हैं। उसी को देखते हुए प्रदेश भी इस योजना की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की खूबसूरती से प्रेम करने वालों को अभी तक बसों और टैक्सियों से आवागमन करना पड़ता था। समय और संसाधन की सुविधा को आसान करते हुए आधे घंटे में लोगों को कई जगहों का विजन एक साथ मिल सकेगा।
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देसी के साथ विदेशी पर्यटकों को यह योजना आकर्षित करेगी। इस मौके पर पर्यटन मंत्री के अलावा एमडी सी. रविशंकर, सिविल एविएशन के ओएसडी आरसी अग्रवाल, नागरिक उड्डयन के वित्त निदेशक एसएस सिंह, जीएमवीएन के महाप्रबंधक बीएल राना, पर्यटन विकास परिषद के अपर निदेशक एके द्विवेदी, जिला पर्यटन अधिकारी वाईके गंगवार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

दून से हिमालय तक का दर्शन
एमडी सी. रविशंकर ने कहा कि हिमालय दर्शन योजना के तहत दून के हेलीपैड से उड़ान टिहरी झील, मसूरी के आगे हिमालय की खूबसूरत चोटियां दिखाते हुए 30 मिनट में लौट आएगी। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना को बढ़ाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है।

पहले दिन पहली ट्रिप के लिए दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर, बिजनौर से आए छह लोगों ने बुकिंग कराई और योजना की पहली यात्रा का आनंद लिया।

पांच सीटर, आधे घंटे की ट्रिप
पर्यटन विभाग के एसएस सामंत के अनुसार, हेलीकॉप्टर में पैसेंजर के लिए पांच सीटें हैं। चार यात्री आराम से पीछे बैठ सकते हैं। एक आगे पायलट के बगल वाली सीट पर। यात्रा कुल 22 मिनट की है, लेकिन इसका समय हेलीकॉप्टर के इंजन स्टार्ट से लेकर वापस आने तक का काउंट किया गया है। कुल मिलाकर आधे घंटे की यात्रा होगी।

पैसेंजर बढ़ेंगे तो और हेलीकॉप्टर

सिविल एविएशन की ओर से योजना के लिए दो कंपनियों के हेलीकॉप्टर यात्रा कराएंगे। हेरीटेज कंपनी का हेलीकॉप्टर हल्द्वानी में और यूटी एयर देहरादून के लिए है। विभाग के अनुसार, योजना के शुरुआती दौर में एक हेलीकॉप्टर चलाया जा रहा है। बुकिंग खुली हुई है। पैसेंजरों की संख्या बढ़ते ही हेलीकाप्टर बढ़ा दिए जाएंगे।

शुल्क पर सब्सिडी
देहरादून से हिमालय दर्शन कराने में प्रति यात्री 7,500 रुपये की लागत आ रही है, लेकिन योजना की शुरुआत में सब्सिडी दी जा रही है। फिलहाल प्रति यात्री टैक्स आदि देने के बाद किराया 5,725 रुपये रखा गया है।

सप्ताह में दो दिन उड़ान
पर्यटन मंत्री दिनैश धनै ने बताया कि फिलहाल योजना के तहत हिमालय दर्शन करने वाले यात्रियों को सप्ताह में दो दिन, शनिवार और रविवार को घुमाया जाएगा। आधे घंटे की उड़ान के लिए समय निश्चित नहीं किया गया है।

एक ट्रिप के लिए यात्री पूरे हो जाएंगे और हेलीकाप्टर खाली होगा तो तुरंत उड़ान शुरू कर दी जाएगी। पर्यटकों को हेलीकाप्टर की उड़ान का इंतजार करने के लिए हेलीपैड पर स्नैक्स काउंटर की व्यवस्था की गई है। जहां से पर्यटक भुगतान करके नाश्ता आदि कर सकते हैं।

समय के साथ बढ़ाए जाएं दर्शन स्थल

सरकार का उत्तराखंड के दर्शनीय स्थलों को दिखाने का प्रयास सराहनीय है, लेकिन इसका फ्लाइंग टाइम कम है। इसे 30 मिनट से बढ़ाकर 45 मिनट किया जाना चाहिए। यह कहना है ‘हिमालय दर्शन योजना’ की पहली ट्रिप के यात्री मेरठ के नईम सैफी, देहरादून के गौतम कुमार, बिजनौर, सहारनपुर और दिल्ली से आए बब्बू चौधरी, जेडएम फैजान, मो. फैजल खान और मोइनुद्दीनका।


आधे घंटे की हिमालय दर्शन यात्रा कर लौटे इन यात्रियों ने कहा कि योजना में ऋषिकेश, हरिद्वार और टिहरी को भी शामिल किया जाना चाहिए। इन यात्रियों ने कहा कि ट्रिप के साथ एक टूरिस्ट गाइड भी होना चाहिए, ताकि वह पर्यटकों को जगह के बारे में बता सके। इन लोगों ने कहा कि आज यात्रा के दौरान मालूम ही नहीं चला कि उन्होंने किस क्षेत्र का दर्शन किया और क्या देखा। इन लोगों ने कहा कि दर्शन के लिए चयनित स्थल भी वही होने चाहिए जहां सड़क मार्ग से भी जाया जा सके।

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