{"_id":"838f7bacc00bf099215070b1819faab4","slug":"security-in-nepal-border-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओबामा के लिए नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा चौकस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओबामा के लिए नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा चौकस
ब्यूरो / अमर उजाला, डीडीहाट (पिथौरागढ़)
Updated Thu, 22 Jan 2015 04:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने नेपाल बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाने के लिए 10500 फीट की ऊंचाई पर स्थित गुंजी अग्रिम पोस्ट पर हेलीकाप्टर से एक जिप्सी और एक मोटरसाइकिल उतार दी है।
विज्ञापन
कालापानी की ऊंचाई 11788 फीट
इन दोनों वाहनों से गुंजी से कालापानी पोस्ट तक सामरिक महत्व की आठ किलोमीटर सड़क की पेट्रोलिंग होने लगी है।
दरअसल, एसएसबी की अंतिम पोस्ट कालापानी की ऊंचाई 11788 फीट है। गुंजी से कालापानी के बीच सीमा सड़क संगठन ने रोड बना दी है, लेकिन इसका लिंक अब तक मांगती तक नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
इस कारण धारचूला से मांगती होते हुए गुंजी तक सड़क मार्ग से पहुंचना अभी संभव नहीं है। इस समस्या से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने एसएसबी को एक जिप्सी तथा एक मोटरसाइकिल हेलीकाप्टर से उपलब्ध करा दी है। अगले कुछ दिनों में एक ट्रक भी गुंजी पहुंचा दिया जाएगा।
विज्ञापन
एसएसबी के प्रभारी सेनानायक एसडी शेरखाने ने बताया कि अब वाहनों से गुंजी से कालापानी तक आठ किलोमीटर के दायरे में गश्त होने लगी है। रात्रि गश्त के समय भी इन वाहनों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा गुंजी से कालापानी पोस्ट तक यदि कोई सामग्री पहुंचानी हो तो जिप्सी की ही मदद ली जा रही है।
सेनानायक ने बताया कि एसएसबी के पास नेपाल सीमा की सुरक्षा का जिम्मा है। वह सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए सारे इंतजाम कर रहा है। इससे पहले सीमा सड़क संगठन ने भी सड़क बनाने के लिए कुछ मशीनें हेलीकाप्टर के जरिए गुंजी तक पहुंचाई थी।
सीमा पर सात साल से बन रही है सड़क
डीडीहाट में सीमा सड़क संगठन पिछले सात साल से मांगती, गर्वाधार होते हुए गुंजी के लिए सड़क निर्माण का काम कर रहा है। अब तक यह सड़क नहीं बन पाई है। बीच के कुछ हिस्सों में रोड की कटिंग तो की गई है, लेकिन गुंजी का सीधा लिंक मांगती तक नहीं हो पाया है। सड़क पूरा होने में अभी कितना समय लगेगा, कहा नहीं जा सकता।