जब सीएम की सचिव ने सड़क पर खोला सफाई का मोर्चा, अधिकारियों के छूटे पसीने
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अतिक्रमण के बाद अब सरकारी मशीनरी सफाई व्यवस्था पर फोकस करने जा रही है। राजधानी में सबसे पहले आदर्श स्थिति बनाने की कोशिश है। इसी सप्ताह शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने ई-रिक्शा में डीएम, एसएसपी के साथ अतिक्रमण की स्थिति देखी।
शनिवार को सीएम सचिव राधिका झा ने नगर निगम के सात वार्डों में औचक निरीक्षण किया। लोगों से फीडबैक लिया और अफसरों के पेंच कसे। सफाई व्यवस्था में कमी पाए जाने पर कुछ सुपरवाइजरों का जवाब तलब भी किया गया।
राधिका झा ने धर्मपुर चौक और एलआईसी भवन के समीप स्थित अंडर ग्राउंड डस्टबिन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जाखन कालोनी में भी सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। दरअसल, सफाई के सर्वे में दून की हुई फजीहत के बाद अब सरकार की कोशिश है कि हालत सुधरे हुए दिखाई दें।
थूकने पर रोक को पहले जागरूकता, फिर चालान
ये दिए निर्देश
-डोर टू डोर कलेक्शन वाले वाहनों पर हो जीपीए सिस्टम
-सफाई कर्मचारियों को कैप व बेज उपलब्ध करवाए जाएं
-रिस्पना-बिंदाल नदियों में से कूड़ा उठाने को चले अभियान
-आवश्यक डस्टबिन के लिए नगर निगम आकलन करे
-आईएसबीटीए, कचहरी, प्रमुख स्थानों पर दो बार उठे कूड़ा
-सफाई के लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त स्टाफ लगाएं
थूकने पर रोक को पहले जागरूकता, फिर चालान
सीएम सचिव राधिका झा ने कहा है कि देहरादून की स्वच्छता के लिए जनसहभागिता आवश्यक है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर रोक के लिए बनाए गए एंटी लिटरिंग एंड स्पिंटिंग एक्ट का आगामी 15 दिनों तक व्यापक प्रचार.प्रसार किया जाए। इसके बाद एक्ट के तहत चालान आदि की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।