दूरस्थ शिक्षा से दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंचाए उच्च शिक्षा: पॉल
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल डा. कृष्णकांत पॉल ने कहा कि विश्वविद्यालय सूचना एवं संचार की आधुनिक तकनीकों का बेहतर ढंग से इस्तेमाल करते हुए दूरस्थ स्थानों तक भी उच्च शिक्षा को पहुंचाए ।
उन्होंने कहा कि समग्र विकास के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना होगा। आज के समय में केवल सैद्धांतिक पाठ्यक्रम का कोई औचित्य नहीं है। विश्वविद्यालय कुछ गांवों को गोद लेकर इन गांवों के शैक्षिक विकास और स्वावलंबन पर जोर दे।
आज के समय में दूरस्थ शिक्षा को ठीक से समझने और आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सामुदायिक रेडियो हैलो हल्द्वानी 91-2 एफएम सराहनीय प्रयास है, जो मुक्त शिक्षा प्रणाली की सफलता में सशक्त भूमिका निभा सकता है।
इसमें विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर शैक्षिक, सामाजिक और तकनीकी पहलुओं पर वार्ता प्रसारित की जानी चाहिए, जिससे छात्रों को रुचिकर और उपयोगी ज्ञान प्राप्त हो सके।
इन मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक
कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी दी। इससे पहले विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित द्वितीय दीक्षांत समारोह का राज्यपाल डा. पॉल ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया।
समारोह में राज्यपाल डा. पॉल ने दो विद्यार्थियों सुश्री हुदा ए.जी जरीवाला को बीएचएम में 78.21 प्रतिशत तथा अमित चौधरी को एमए योग में 84.8 प्रतिशत अंक पाने पर कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान कर सम्मानित किया। इसके अलावा 18 शिक्षार्थियों को मानद उपाधि एवं स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। समारोह में 2015-16 में उत्तीर्ण 7140 स्नातकों, परास्नातकों, डिप्लोमाधारियों को उपाधियां दी गईं।
संचालन कुलसचिव डा. आरसी मिश्रा ने किया। समारोह में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल, मुक्त विश्वविद्यालय के प्रो. एचपी शुक्ला, प्रोफेसर जेके जोशी, डा. अखिलेश सिंह, डा. दीपक पालीवाल, डा. हेमंत कांडपाल, डा. नीरजा सिंह समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र - छात्राएं मौजूद थे।
इन मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक
नमामी बंसल (एमए अर्थशास्त्र ), उमेश चंद्र जोशी (एमए शिक्षाशास्त्र), आकांक्षा गर्ग (एमए अंग्रेजी), नेहा चौहान (एमए इतिहास), सुधीर चंद्र उनियाल (एमए हिंदी), नमिता बोरा (एमए राजनीति विज्ञान), हरीश चंद्र डंगवाल, (एमए संस्कृत), रूपा पालीवाल (एमए समाजशास्त्र), अमित चौधरी (एमए योग), अमिता बर्गली (एमबीए -12), शैलजा सिंह, (एमकॉम),
स्नातकोत्तर स्तर पर
रेखा पंत (एमएससी वनस्पति विज्ञान), प्रकाश सिंह (एमएससी रसायन विज्ञान), पवन कुमार दुबे (एमएससी भौतिकी), डा. महेश कुमार (एमएस डब्लू) तथा स्नातक स्तर पर दीपक उनियाल (बीए), विभोर शर्मा (बीकॉम), हुदा एजी. जरीवाला (बीएचएम) को गोल्ड मेडल प्रदान कर कुलाधिपति एवं राज्यपाल केके पॉल ने सम्मानित किया।
स्नातकोत्तर स्तर पर
एमए अंग्रेजी में 376, एमए हिंदी 353, एमए संस्कृत124, एमए उर्दू के 21, एमए संगीत के 09, पत्रकारिता के 37, एमए अर्थशात्र के 163, एमए इतिहास के 111, एमए राजनीति विज्ञान के 310, एमए लोक प्रशासन के 29, एमएस डब्लू के 147, एमए समाजशास्त्रके 355, एमए मनोविज्ञान के 42, एमए भूगोल के 06 तथा स्नातक स्तर पर बीए के 1301, बीबीए के 08, बीकॉम के 230, बीएचएम के 311, बीटीएस के 09, बीवाईएन के 62, बीएससी के 19 तथा बीसीए के 15 तथा बीएससी इन हास्पिटलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन के 05 उपाधि प्रदान करने की घोषणा की गई।