जानते हैं हिंदूकुश में आए भूकंप से 19 मिनट डोली थी धरती
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अफगानिस्तान और पाकिस्तान सहित पूरे उत्तर भारत में आया भूकंप मामूली नहीं था। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की माने तो भूकंप के कारण करीब 19 मिनट से अधिक समय तक धरती डोलती रही।
गनीमत रही कि यह इंटरमीडिएट डेप्थ अर्थक्यूक था। जिसकी वजह केंद्र को छोड़कर अन्य स्थानों पर जानमाल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। आईआईटी रुड़की के अर्थ साइंस डिपार्टमेंट में भूकंपीय वैद्यशाला में सोमवार दोपहर 2.40 पर आए भूकंप को रिकार्ड किया गया।
अर्थ साइंस डिपार्टमेंट के डॉ. आनंद जोशी ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.5 मैग्निट्यूड थी। भूकंप के कारण 7.8 सेमी/वर्ग सेकेंड कंपन्न हुआ। जो धीरे-धीरे कम होता गया। कंपन्न 1160 सेकेंड तक बना रहा। हालांकि इसे 300 सेकेंड तक सामान्यतौर महसूस किया जा सका।
मात्र 360 सेकेंड तक रहा था नेपाल में आया भूकंप
डॉ. आनंद जोशी ने बताया कि यह भूकंप इंटरमीडिएट डेप्थ (70-300 किलोमीटर गहराई वाले भूकंप) था, इसलिए नुकसान केवल केंद्र बिंदु पर ज्यादा रहा। बताया कि नेपाल में 25 अप्रैल को आया भूकंप मात्र 360 सेकेंड तक रहा था।
लेकिन, यह भूकंप शैलो या उथला (70 किमी की गहराई से कम वाले भूकंप) होने की वजह ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ था। इसकी गहराई 12 किलोमीटर थी। जबकि सोमवार को आए भूकंप की गहराई 212.5 किलोमीटर थी। यदि गहराई कम होती तो यह भूकंप बेहद विनाशकारी साबित होता।
सोमवार को आया भूकंप काफी देर तक महसूस किया गया है। इस भूकंप की गहराई अधिक होने की वजह से यह ज्यादा विनाशकारी साबित नहीं हुआ है। अन्य केंद्रों से इस भूकंप के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। इसके बाद इन पर अध्ययन किया जाएगा।
- डॉ. दीपक श्रीवास्तव, एचओडी, अर्थ साइंस, आईआईटी रुड़की