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स्कूल ने रात में बच्चों को सुनसान सड़क पर छोड़ा
ब्यूरो / अमर उजाला, ज्योलीकोट (नैनीताल)
Updated Fri, 22 May 2015 03:10 PM IST
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नैनीताल स्थित नैंसी कान्वेंट स्कूल प्रबंधन विद्यालय के तीन बच्चों को उनके परिजनों के पास ले जाने की बात कहकर गाड़ी में ले गया और उन्हें नैनीताल रोड पर सुनसान जगह पर छोड़ दिया। इस दौरान पुलिस के गश्ती दल ने बच्चों को देखा तो पूछताछ की।
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इसके बाद पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना दी। घटना बुधवार रात की है। सूचना पर सभी अभिभावक रात में ही ज्योलीकोट पहुंच गए। उनकी तहरीर पर पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ आईपीसी की धारा 342 और 363 के तहत बंधक बनाने और अपहरण का मुकदमा दर्ज कर स्कूल का वाहन सीज कर लिया है।
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इस विद्यालय में पढ़ने वाले यूपी के बागपत निवासी बच्चों के अभिभावकों प्रमोद राणा, रमेश तोमर और नरेंद्र धामा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि नैंसी विद्यालय प्रबंधन ने बुधवार रात करीब 10:30 बजे उनके बच्चों को परिजनों के पास पहुंचाने की बात कहकर गाड़ी (यूके 04 एन 8406) में बैठाकर नैनीताल रोड में सुनसान जगह पर उतार दिया।
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अभिभावकों का आरोप है कि प्रबंधन ने आईआईटी और एनडीए कोचिंग कराकर जॉब गारंटी की बात कही थी, लेकिन अब विद्यालय प्रबंधन मुकर रहा है और दूसरे साल भी मोटी रकम मांगी जा रही है।
ऐसा न करने पर प्रबंधन ने बच्चों को वापस ले जाने का दबाव बनाया, लेकिन अभिभावकों ने बच्चों की टीसी और फीस के रूप में वसूली गई मोटी रकम वापस देने पर ही बच्चों को ले जाने की बात कही और वे विद्यालय से चले गए। इसके बाद रात में उनके बच्चों को सुनसान सड़क पर छोड़ दिया गया।
इधर, नैंसी स्कूल प्रबंधन का कहना है कि तीनों बच्चे नरेंद्र धामा, आर्यन तोमर और मनीष राणा अनुशासनहीन हैं। गलत आदतों के कारण अन्य बच्चों पर भी विपरीत असर पड़ रहा है। इनके अभिभावकों को बुलाया गया और बच्चों की हरकतों को देखते हुए वापस ले जाने को कहा। अभिभावकों की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।