हरियाली बचाने को स्कूली बच्चों ने बनाई इतनी विशाल नर्सरी की कह उठेंगे वाह...
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नन्ही सी उम्र और पर्यावरण के प्रति समर्पण का भाव लिए रुद्रप्रयाग के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला के विद्यार्थियों ने मिसाल पेश की है। पढ़ाई-लिखाई के साथ हरियाली को बढ़ावा देने के लिए स्कूल की यहां के छात्र-छात्राएं कार्य कर हैं।
विद्यालय में बीते एक वर्ष में विभिन्न प्रजाति के 4 हजार से अधिक पौधों की नर्सरी तैयार की गई है, जो इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी है। इस कार्य में यहां के शिक्षक सत्येंद्र भंडारी की भूमिका अहम है, जिसे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने भी सराहा है।
अगस्त्यमुनि ब्लॉक का दूरस्थ प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला पठन-पाठन के साथ पर्यावरण संरक्षण की भी अलख जगाए हुए हैं। पिछले एक दशक से भी अधिक समय से यहां तैनात शिक्षक भंडारी ने जहां स्कूल की शिक्षण व्यवस्था को सुधारने में अहम भूमिका निभाई है वही वह बच्चों को पर्यावरण का पाठ भी पढ़ा रहे हैं।
विभिन्न प्रजातियों के 4 हजार से अधिक पौधों की नर्सरी
उन्होंने पहली से 5वीं तक के सभी छात्र-छात्राओं में पर्यावरण संरक्षण की सोच कूट-कूट कर भर दी है। यहीं कारण है कि वर्ष 2015-16 में शिक्षक की नर्सरी की सोच को इन बच्चों ने साकार कर दिखाया। आज स्कूल की दो नाली भूमि पर बांज, संतरा, नींबू, पदम, रीठा, हेडा, बहेड़ा, मोरपंखी, अमरूद सहित विभिन्न प्रजातियों के 4 हजार से अधिक पौधों की नर्सरी तैयार है।
इसके अलावा, 11 हजार पौधों की नई नर्सरी की तैयारी है। ग्रामीणों द्वारा दान में दी गई करीब तीन नाली भूमि पर इन दिनों नर्सरी विकसित कर विभिन्न प्रजाति के बीज रोपे जा रहे हैं। स्कूल परिसर के चारों तरफ अमरूद, संतरा सहित अन्य प्रजाति के पौधे लगे हैं। इनमें कुछ फल भी देने लगे हैं।
शिक्षक भंडारी व छात्र-छात्राओं के प्रयास की ग्राम प्रधान, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक व बेसिक और बीईओ ने भी प्रशंसा की है।
बच्चों के नाम पर पौधों का नाम
कोट तल्ला प्राइमरी स्कूल में रोपे गए पौधों को छात्र-छात्राओं का नाम दिया जाता है। बीते दो वर्ष से यहां जुलाई में वृहद पौधारोपण होता आ रहा है, जिसमें सभी बच्चे प्रतिभाग करते हैं। जो छात्र या छात्रा जिस पौधे को लगाती है उसी के नाम से पौधे को जाना जाता है। देखरेख व सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी की होती है। जिस छात्र-छात्रा का पौधा सबसे अच्छा फलफूल रहा होता है उसे पुरस्कृत भी किया जाता है।
प्रोजेक्टर के माध्यम से होती पढ़ाई
प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला में प्रोजेक्टर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाता है। पर्यावरण से जुड़े विषयों के बारे में शिक्षक भंडारी द्वारा बच्चों को डॉक्यूमेंट्री और फोटो एलबम के जरिए भी जानकारी दी जाती है। पर्यावरणविद् जगत सिंह जंगली भी बीते सत्र में छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के टिप्स दे चुके हैं।
प्राथमिक विद्यालय कोट तल्ला पठन-पाठन के साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी सराहनीय कार्य कर रहा है। मैं कुछ दिन पूर्व विद्यालय में गया था। वहां के बच्चों का बौद्धिक विकास और पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण प्रशंसनीय है।
- भरत सिंह चौधरी, विधायक रुद्रप्रयाग विस
शिक्षक सत्येंद्र भंडारी की मेहनत का ही परिणाम है कि कोट तल्ला में बीते तीन सत्रों से छात्र संख्या में भी बढ़ रही है। वे पठन-पाठन के साथ बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे हैं, जो स्कूल परिसर में भी नजर आ रहा है। ऐसे शिक्षकों से अन्य को भी प्रेरणा लेनी चाहिए।
- सुभाष चंद्र भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग