छात्रवृत्ति घोटाला: यूपी, हिमाचल और उत्तराखंड के 22 शिक्षण संस्थानों पर एसआईटी का शिकंजा, मुकदमा दर्ज
- लॉकडाउन के बाद सक्रिय हुई एसआईटी ने देहरादून और हरिद्वार जिले में दर्ज कराए मुकदमे
- 10 करोड़ से अधिक डकारे पश्चिमी यूपी, हिमाचल और उत्तराखंड के इन शिक्षण संस्थानों ने
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उत्तराखंड में लॉकडाउन के कारण लंबे समय बाद सक्रिय हुई एसआईटी ने करोड़ों के छात्रवृत्ति घोटाले में 22 शिक्षण संस्थानों पर शिकंजा कसा है। एसआईटी ने राजधानी देहरादून और हरिद्वार जिले में इन शिक्षण संस्थानों के खिलाफ छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में मुकदमे दर्ज कराए हैं।
आरोप है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 22 शिक्षण संस्थानों ने छात्रवृत्ति के नाम पर 10.88 करोड़ से अधिक की रकम डकारी है। जिन छात्रों के फर्जी प्रवेश दिखाकर छात्रवृत्ति हड़पी गई है, एसआईटी अब उन छात्रों के नाम और पते का सत्यापन कर रही है। इसके बाद छात्रों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही छात्रों से उनके दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर ही एसआईटी की रफ्तार कुछ महीने से सुस्त चल रही थी। एसआईटी की कार्यशैली पर लॉकडाउन का असर नजर आ रहा था, अनलॉक-1 में एसआईटी अब फिर से सक्रिय हो गई है।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
रविवार को एसआईटी की ओर से देहरादून और हरिद्वार के अलग-अलग थानों, कोतवाली में कई मुकदमे दर्ज कराए गए। देहरादून के बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सुद्धोवाला के खिलाफ प्रेमनगर थाने, डीआरपीएमई सहारनपुर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद पॉलिटेक्निक कॉलेज सुंदरपुर सहारनपुर, डीसीई कॉलेज ऑफ एजुकेशन सहारनपुर, डीसीईटी सहारनपुर, डीसीटीएस सुंदरपुर सहारनपुर, दून कालेज ऑफ लॉ सहारनपुर, दून कॉलेज गणेशपुर सहारनपुर, मोनंद यूनीवर्सिटी हापुड़, श्रीराम इंस्टीटयूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज सहारनपुर, कालका इंजीनियरिंग कॉलेज मेरठ, कालका इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड एडवांस स्टडीज मेरठ, हिमालयन ग्रुप ऑफ प्रोफेशनल इंस्टीट्यूशन हिमाचल प्रदेश, कृष्णा कॉलेज ऑफ लॉ कमालपुर छुटमलपुर सहारनपुर, ओम संतोष प्राइवेट आईटीआई चक हरीती जनता रोड सहारनपुर के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
वहीं, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एजुकेशन मतलूबपुर रुड़की के खिलाफ गंगनहर कोतवाली, कॉलेज ऑफ एडवांस टेक्नोलॉजी रुड़की के खिलाफ भगवानपुर थाना, रुड़की कॉलेज ऑफ एजुकेशन शेरपुर झबरेड़ा के खिलाफ झबरेड़ा थाना, सरस्वती प्रोफेशनल डिग्री कॉलेज जगजीतपुर जमालपुर कलां के खिलाफ कनखल थाना, डीआरपीएमई सहारनपुर, डीसीई कॉलेज ऑफ एजुकेशन सहारनपुर और दून कॉलेज गणेशपुर सहारनपुर के खिलाफ सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मुकदमों की जांच थाना स्तर से की जाएगी।
कोरोना की तरह तोड़नी पड़ रही छात्रवृत्ति घोटाले की चेन
लॉकडाउन के 83 दिन के बाद छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई कर वित्तीय अनियमितताओं में लिप्त निजी संस्थानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। देहरादून और हरिद्वार में अब तक 74 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। जबकि इससे अधिक संख्या में जांचें लंबित हैं। घोटाले में शामिल कई लोगों के चेहरे बेनकाब होने हैं। वैसे 100 से अधिक निजी संस्थानों की जांच में अभी तक कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। लेकिन लिखा पढ़ी में किसी को क्लीन चिट नहीं दी है।
प्रदेश में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में अवरोध किसी से छिपे नहीं हैं।
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने घोटाले की जांच को एसआईटी बनाने के आदेश दिए थे। करीब एक साल बाद एसआईटी बन पाई थी। उसके बाद समाज कल्याण विभाग ने दस्तावेज न देकर जांच में अड़ंगा लगाने की कोशिश की। नैनीताल हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसआईटी हरकत में आई। हरिद्वार और देहरादून में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। इसमें भाजपा विधायक का बेटा, एक विधायक का भाई और एक पूर्व विधायक के भतीजे पर एफआरआई दर्ज की गई। समाज कल्याण विभाग के बडे़ अधिकारी गीताराम नोटियाल और अनुराग शंखधर और चार सहायक समाज कल्याण अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई।
लॉकडाउन में घोटाले की जांच पर ब्रेक लग गया। करीब तीन माह बाद आईपीएस टीसी मंजूनाथ की अगुवाई वाली एसआईटी ने 12 निजी संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर घोटाले में शामिल संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एसआईटी की कार्रवाई पर नजर डालें तो अब तक 74 निजी संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। इनमें देहरादून में 23 और हरिद्वार में 51 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें निजी संस्थानों से जुड़े 66 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। करीब 20 मुकदमों में पुलिस चार्जशीट भेज चुकी हैं। उधर, एसआईटी प्रभारी आईपीएस टीसी मंजूनाथ ने बताया कि जांच की गति तेज कर दी गई है। इससे घोटाले में शामिल निजी संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जल्द हो सकेगी।