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छात्रवृत्ति घोटाला: एसआईटी ने उठाया बड़ा कदम, पांच लोगों को हरिद्वार से किया गिरफ्तार
Sun, 19 May 2019 10:09 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sun, 19 May 2019 10:09 PM IST
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छात्रवृति घोटाले में एसआईटी ने चार शिक्षण संस्थानों के पांच पदाधिकारी गिरफ्तार कर लिए हैं। इन सब पर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस घोटाले में अब तक 13 लोगाें की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने शनिवार को रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस, मदरहुड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी और मेरठ स्थित महावीर इंस्टीट्यूट की चेयरमैन, सचिव व कोषाध्यक्ष मनिका शर्मा और आईएमएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की के सचिव मुजीब मलिक, कोषाध्यक्ष शरद गुप्ता, सदस्य योगेन्द्र और लेखाकार अंकुर राणा को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया।
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मनिका शर्मा के तीन शिक्षण संस्थानों को वर्ष 2011 से 2017 तक करीब 27 करोड़ की छात्रवृति दी गई। इसी तरह से आईएमएस को 2012 से 2017 तक चार करोड़ से अधिक की छात्रवृति दी गई। शनिवार देर रात छात्रवृत्ति घोटाले से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब न देने पर एसआईटी ने पांचाें पदाधिकारियाें को हिरासत में लेकर सिडकुल थाने के सुपुर्द कर दिया गया।रविवार तीसरे पहर सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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करोड़ों की छात्रवृति हड़पी
एसआईटी प्रभारी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि जांच में पाया गया है कि इन शिक्षण संस्थानों के पदाधिकारियों ने अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र-छात्राओं के संस्थाओं में फर्जी प्रवेश दर्शाकर करोड़ों की छात्रवृति हड़पी है। कथित छात्रों का संबंधित विश्वविद्यालय या बोर्ड में एनरोलमेंट ना कराने के साथ कई तरह की अनियमिताएं बरती गईं। 2014 के बाद ऑनलाइन छात्रवृत्ति वितरण में कई ऐसे छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति ली गई है जिनका संबंधित विश्वविद्यालय बोर्ड में पंजीकरण नहीं है। एसआईटी प्रभारी ने बताया कि शिक्षण संस्थानों को मिली छात्रवृति की रकम में से उस रकम की जानकारी जुटाई जा रही है, जो हड़पी गई है।
इनकी हुई गिरफ्तारी
अंकुर राणा निवासी पश्चिमी अंबर तालाब रुड़की (लेखाकार, आईएमएस इंस्टीट्यूट)
शरद गुप्ता निवासी 34 सिविल लाइन रुड़की (कोषाध्यक्ष, आईएमएस इंस्टीट्यूट)
मुजीब मलिक निवासी सिविल लाइन रुड़की (सचिव, आईएमएस इंस्टीट्यूट)
योगेंद्र निवासी रुड़की (सदस्य, आईएमएस इंस्टीट्यूट)
मनिका शर्मा निवासी गोविंद पुरी कंकरखेड़ा मेरठ (रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंस, मदरहुड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और महावीर इंस्टीट्यूट की पदाधिकारी)
छात्रवृत्ति घोटाले में रुड़की के चार शिक्षण संस्थानों के पांच पदाधिकारियों को धारा 420, 409, 120 बी के तहत गिरफ्तार किया गया है। इन लोगाें ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियाें से सांठगांठ कर करोड़ों की छात्रवृत्ति हड़पी है।
- मंजूनाथ टीसी, एसआईटी प्रभारी