दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में चार आरोपी गिरफ्तार, अभी कईं और मुकदमे, गिरफ्तारियां होंगी
- रुद्रपुर और गदरपुर पहुंची एसआईटी की जांच
- दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में दस छात्रों से पूछताछ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच की आंच रुद्रपुर और गदरपुर पहुंच गई है। पुलिस और एसआईटी की टीम ने 10 छात्रों से पूछताछ की है। इनमें आधे छात्र जांच में सही पाए गए हैं। इधर, अब तक जांच में करीब पौने नौ सौ विद्यार्थियों का सत्यापन हो चुका है और चार करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति में से एक तिहाई ही पात्र विद्यार्थियों को मिल पाई है। एसएसपी ने कुछ और शैक्षिक संस्थानों पर मुकदमे और गिरफ्तारियां करने की बात कही है।
छात्रवृत्ति घोटाले की अब तक की जांच के बाद जसपुर, बाजपुर और सितारगंज थाने में एसआईटी शैक्षणिक संस्थानों और दलालों के खिलाफ नौ केस दर्ज हो चुके हैं। जसपुर और बाजपुर के विवेचक पांच दलालों को सलाखों के पीछे भेज चुके हैं। फरार चल रहे तीन दलालों की सरगर्मी से तलाश हो रही है।
एसआईटी ने घोटाले में जसपुर, बाजपुर, काशीपुर, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा के बाद अब जांच के दायरे में रुद्रपुर और गदरपुर को लिया है। पुलिस और एसआईटी की टीमों ने यहां छात्रवृत्ति लेने वाले 10 विद्यार्थियों से पूछताछ की है। रुद्रपुर में पूछताछ की जद में आए पांच छात्रों का सत्यापन पुलिस को ठीक मिला है। पुलिस शैक्षिक संस्थानों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। बहुत जल्द पुलिस टीम शैक्षिक संस्थानों में जांच के लिए जाने की तैयारी कर रही है।
अब तक की विवेचना में साफ हुआ है कि दलाल अपने एजेंटों के माध्यम से उनके दस्तावेज एकत्र करने के बाद उनका शैक्षिक संस्थानों में फर्जी प्रवेश दर्शाकर छात्रों के नाम छात्रवृत्ति निकलवा लेते थे। हालांकि पुलिस अभी समाज कल्याण विभाग के बजाय पहले शैक्षिक संस्थानों को जांच के दायरे में लेने की तैयारी कर रही है।
एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि अभी तक घोटाले को लेकर साढ़े आठ सौ से अधिक विद्यार्थियों का सत्यापन कराया जा चुका है। चार करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति में से एक तिहाई छात्रवृत्ति ही सही पाई गई है। दो तिहाई छात्रवृत्ति गलत पाई गई है। फिलहाल जांच जारी है और अभी कईं और मुकदमे, गिरफ्तारियां होंगी।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में पकड़े गए आरोपियों को जेल
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार चारों आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हल्द्वानी जेल भेज दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश चंद्र आर्या को बताया गया कि पुलिस ने शुक्रवार को दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में फरार चल रहे शशांक जैन, रमेश अग्रवाल, आनंद प्रकाश गर्ग एवं अनिल कुमार को मुजफ्फरनगर, नई दिल्ली और हापुड़ से गिरफ्तार किया है।
चारों पर समाज कल्याण विभाग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये का घोटाला करने का आरोप है। उक्त आरोपियों के खिलाफ भीमताल थाने में आईपीसी की धारा 420, 466, 467, 468, 471, 468, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज है। शनिवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने चारों को जमानत देने की गुहार लगाई, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी तनुजा वर्मा ने आरोपियों को जमानत देने का विरोध किया।