छात्रवृत्ति घोटाला: शिकंजा कसा तो एकाएक घट गए 42 हजार आवेदन
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समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाले के शोर और जांच का शिकंजा कसने के बाद वजीफे की दौड़ में शामिल अनुसूचित जाति की दशमोत्तर योजना में 42 हजार 841 छात्र आश्चर्यजनक ढंग से गायब हो गए। वर्ष 2014-15 में इस योजना के तहत विभाग ने 81 हजार 176 छात्रों को लाभान्वित किया था।
वर्ष 2018-19 में इसी योजना में लाभ पाने वाले छात्रों की संख्या घटकर 38 हजार 335 रह गई। छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आने से विभाग को करीब 73 करोड़ 30 लाख रुपये की बचत हुई। ठीक ऐसी ही गिरावट अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति और अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों की योजना में आई है।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में समाज कल्याण विभाग ने कक्षा 11 व उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ रहे अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति में अब तक सबसे अधिक 96.79 करोड़ रुपये खर्च किए। इसी दौरान छात्रवृत्ति के आवंटन में गड़बड़ी की शिकायतें भी सरकार और विभाग को पहुंची। शोर मचा तो शासन स्तर से छात्रवृत्ति के आवंटन की प्रक्रिया को कड़ा करने के प्रयास शुरू हो गए।
वित्तीय वर्ष 2015-16 में छात्रवृत्ति से लाभान्वित होने वाले एससी छात्रों की संख्या घटकर 20,132 रह गई। हालांकि योजना के तहत 74,276 छात्रों ने आवेदन किया था। इस वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति के लिए बजटीय प्रावधान भी बेहद कम 8.64 करोड़ रुपये किया गया था।
2017-18 में सरकार बदली तो योजनाओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और आधार से जोड़ने पर जोर दिया गया। इस बीच छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के भी आदेश जारी हुए और शिकंजा कसना शुरू हुआ। छात्रों के खाते आधार से लिंक होते ही लाभार्थियों की संख्या में जबर्दस्त गिरावट दर्ज हुई।
जांच का शिकंजा
प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद छात्रवृत्ति घोटाले की एसआईटी जांच के आदेश हुए। अब जाकर जांच में तेजी दिख रही है। लेकिन जांच को लेकर मचे हल्ले के बीच शासन स्तर पर छात्रवृत्ति योजना को राष्ट्रीय पोर्टल से जोड़ा गया। आधार की अनिवार्यता होने के बाद हजारों की संख्या आवेदन कम हो गए।
एससी दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना
वित्तीय वर्ष आवेदन लाभार्थी छात्र खर्च
2014-15 89, 476 81176 96 करोड़ 82 लाख 6 हजार
2018-19 51, 840 38,335 31 करोड़ 74 लाख 32 हजार
ओबीसी दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना
वित्तीय वर्ष आवेदन लाभार्थी छात्र खर्च
2014-15 41259 41259 33 करोड़ 79 लाख 40 हजार
2018-19 21559 12647 12 करोड़ 27 लाख 60 हजार
विभाग की सारी योजनाएं नेशनल पोर्टल से जुड़ेंगी
समाज कल्याण विभाग में केंद्र पोषित समस्त कल्याणकारी योजनाओं को नेशनल पोर्टल से जोड़ा जाएगा। अपर सचिव समाज कल्याण रामविलास यादव का कहना है कि पिछले एक साल के दौरान छात्रवृत्ति योजना को नेशनल पोर्टल से जोड़ा गया। अब सभी छात्रवृत्ति, पेंशन व अन्य कल्याणकारी योजनाओं को पोर्टल से जोड़ा जाएगा। राज्य सरकार के स्तर की योजनाओं को राज्य स्तरीय पोर्टल से जोड़ा जाएगा।