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Uttarakhand: वन गुर्जर पुनर्वास के नाम पर प्रदेश में करोड़ों की भूमि का घपला, वन मंत्री का बयान आया सामने

Fri, 13 Jan 2023 10:32 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 13 Jan 2023 10:32 PM IST
सार

गैंडीखाता में 723, पथरी में 512 परिवारों को करोड़ों रुपये कीमत की भूमि दी गई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कुछ अपात्रों को भी भूमि आवंटित कर दी गई। एक ही नाम पते के व्यक्ति को दो-दो जगह भूमि दी गई। ऐसे परिवारों को भूमि दी गई जिसके नाम और पते का कोई व्यक्ति है ही नहीं।

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Scam of land worth crores in name of Van Gurjar rehabilitation Uttarakhand news amar ujala exclusive
मीटिंग ( प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में वन गुर्जरों के पुनर्वास के नाम पर जमकर खेल हुआ है। फर्जी तरीके से न सिर्फ करोड़ों रुपये की भूमि वन गुर्जरों को आवंटित की गई, बल्कि जिन परिवारों को भूमि आवंटित किया गया उनमें से 129 से अधिक ने इसे औने-पौने दामों पर बेचकर या फिर ठेके पर देकर वनों में जा बसे हैं।

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अब वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वन मंत्री सुबोध उनियाल के मुताबिक इस तरह के लोगों को चिन्हित कर लिया गया है, जिनके खिलाफ कार्रवाई होगी। वन विभाग में राजाजी टाइगर रिजर्व एवं विभिन्न वन क्षेत्रों में बसे गुर्जरों के पुनर्वास के नाम पर हर परिवार को 8200 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई। गैंडीखाता में 723, पथरी में 512 परिवारों को करोड़ों रुपये कीमत की भूमि दी गई। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कुछ अपात्रों को भी भूमि आवंटित कर दी गई।
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एक ही नाम पते के व्यक्ति को दो-दो जगह भूमि दी गई। ऐसे परिवारों को भूमि दी गई जिसके नाम और पते का कोई व्यक्ति है ही नहीं। इसके अलावा परिवार में पति और पत्नी दोनों को अलग-अलग भूमि आवंटित कर दी गई। वहीं जो पात्र थे उनमें भी 129 से अधिक परिवार भूमि बेचकर या ठेके पर देकर फिर से जंगलों में चले गए, जबकि नियमानुसार दी गई भूमि 30 साल तक अहस्तांतरणीय थी। 
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पुनर्वास के बावजूद फिर से जंगलों में जा बसे वन गुर्जर परिवारों को विभाग की ओर से चिन्हित कर लिया गया है। उन्हें हटाया जाएगा। जिनका पुनर्वास नहीं किया गया है उनकी संख्या कम है, लेकिन हिमाचल एवं अन्य प्रदेशों से वन गुर्जर उत्तराखंड के जंगलों में आकर बसते जा रहे हैं। इस मामले में जल्द कार्रवाई की जाएगी। - सुबोध उनियाल, वन मंत्री 

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वन गुर्जरों के पुनर्वास का मामला पिछले काफी समय से चल रहा है। विभाग कुछ और, वन गुर्जर कुछ और कह रहे हैं। - विनोद सिंघल, प्रमुख वन संरक्षक

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