देहरादून: एससी-एसटी कर्मचारियों ने निकाली महारैली, सरकार को दी सामूहिक धर्म परिवर्तन की चेतावनी
- देहरादून महारैली में आज जुटेंगे प्रदेशभर के एससी-एसटी कर्मचारी
- प्रमोशन में आरक्षण और सीधी भर्ती में पुराने आरक्षण रोस्टर की मांग
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उत्तराखंड एससी एसटी इंप्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्रदेशभर से अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े कर्मचारी देहरादून के पवेलियन मैदान में जुटे, जहां जोरदार नारेबाजी के बीच पदोन्नति में आरक्षण और सीधी भर्ती के पुराने रोस्टर को लागू करने की मांग की गई।
इस अवसर पर आयोजित एक सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह आरक्षित वर्ग के साथ पक्षपात कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास अब भी समय है, यदि वह वास्तव में ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के नारे को चरितार्थ करना चाहती है तो वह सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी को तत्काल वापस ले।
इस अवसर पर फेडरेशन के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने आरक्षित वर्ग के हितों के विपरीत फैसले लिए तो प्रदेश में बड़ा जनांदोलन छेड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरक्षण से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा और उन्हें विवश किया गया तो वे धर्म परिवर्तन करने के विकल्प पर भी विचार करेंगे। सभा को बड़ी संख्या में वक्ताओं ने संबोधित किया।
सचिवालय तक किया कूच
करीब तीन घंटे की सभा के बाद पवेलियन मैदान में जुटे कर्मचारी रैली की शक्ल में बदल गए। यहां से उन्होंने राज्य सचिवालय की ओर कूच किया। सुभाष रोड से होते हुए वे पुलिस मुख्यालय के पास पहुंचे, जहां उन्हें पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। वे वहीं धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
मुख्यमंत्री के ओएसडी को सौंपा मांग पत्र
मुख्यमंत्री के ओएसडी जगदीश चंद खुल्वे धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम और प्रदेश महासचिव हरि सिंह से मुलाकात की। इस दौरान फेडरेशन के दोनों नेताओं ने उन्हें अपना मांग पत्र सौंपा। खुल्वे ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री को उनकी भावना से अवगत कराएंगे।
फेडरेशन में जुड़ेगा ओबीसी का नाम
फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष करम राम ने कहा कि उत्तराखंड ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या ओबीसी कर्मचारी महारैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि फेडरेशन के नाम में भी पविर्तन होगा। अब उसका नाम एससी एसटी ओबीसी इंप्लाइज फेडरेशन किया जाएगा।
इन्होंने किया संबोधन
सभा को ओबीसी महासभा के मुख्य संयोजक विजय सिंह पाल, अल्पसंख्यक समाज के हाजी हुसैन अहमद, एससी एसटी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मदन शिल्पकार, शिक्षक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय भाटिया, उत्तराखंड जनजाति कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष चंद्र सिंह ग्वाल, जौनसार बाबर शिक्षक समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह तोमर, सचिवालय कार्मिक संघ के सचिव कमल कुमार, संयुक्त सर्व समाज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राम बचन सिंह राजभर, रणवीर सिंह तोमर, चंद्रशेखर, मटन लाल, जितेंद्र सिंह बुटोईया, प्रमोद कुमार समेत कई अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
ये हैं प्रमुख मांगें
- सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन सशर्त आरक्षण रोस्टर के अनुसार ही डीपीसी प्रारंभ हो
- कौशिक समिति रिपोर्ट आने तक वर्ष 2001 के आरक्षण रोस्टर के आधार पर ही हो सीधी भर्ती
- अन्य पिछड़ा वर्ग को शासकीय सेवा में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, प्रमोशन में भी आरक्षण मिले
- राज्य के विभिन्न विभागों में बैकलाग के रिक्तपदों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए
- संविदा और आउटसोर्स की नियुक्ति प्रक्रिया में आरक्षण का शत प्रतिशत अनुपालन किया जाए
- यदि सरकार आरक्षण प्रदान नहीं करती है तो ये वर्ग सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन पर विचार करेगा