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इन बेटियों ने कैट और क्रिकेट में छुड़ाए 'छक्के'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 15 Jan 2014 11:43 AM IST
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बेटियां बेटों से किसी भी बात में कम नहीं होती। देहरादून की स्नेह राणा और रुड़की की गुंजन ने अपनी मेहनत से ये साबित किया है।
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भारतीय सीनियर महिला क्रिकेट टीम में सेलेक्शन
एकता बिष्ट के बाद दून की एक और बेटी स्नेह राणा क्रिकेट के मैदान पर जलवा दिखाने को तैयार है। 19 जनवरी से श्रीलंका के साथ शुरू हो रही द्विपक्षीय सीरीज के लिए स्नेह को वनडे मैचों के लिए भारतीय सीनियर महिला क्रिकेट टीम में बतौर बल्लेबाज चुना गया है।
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उत्तराखंड बनने के बाद भारतीय में शामिल होने वाली स्नेह राणा राज्य की दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की अखिल भारतीय चयन समिति(महिला) ने सोमवार को श्रीलंका के साथ वनडे और टी-20 मैचों के लिए भारतीय टीम की घोषणा की।
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19 वर्षीय स्नेह राणा को वनडे मैचों के लिए टीम में चुना गया है। श्रीलंका के साथ पहला वनडे मैच 19 जनवरी को होगा। देहरादून से करीब 18 किलोमीटर दूर स्थित सिनौला गांव निवासी स्नेह राणा पंजाब की सीनियर टीम की खिलाड़ी हैं।
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बचपन में शौकिया तौर पर क्रिकेट के मैदान में उतरने वाली स्नेह की शुरुआत नौ साल की उम्र में एक टूर्नामेंट के साथ हुई। इसके बाद लिटिल मास्टर क्रिकेट क्लब की कोच किरन शाह ने स्नेह को क्लब में शामिल कर खेल की बारीकियां सिखाई।
पंजाब की अंडर-19 टीम की कमान मिली
मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली स्नेह दाएं हाथ की बल्लेबाज हैं। साल 2010-11 में स्नेह ने पंजाब की जूनियर टीम के लिए ट्रायल दिया। अपने खेल के दम पर जल्द ही स्नेह को पंजाब की अंडर-19 टीम की कमान मिली।
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दो साल बाद ही स्नेह ने सीनियर टीम में भी जगह बना ली। इसके बाद स्नेह ने इंटर जोनल चैंपियनशिप, चैंलेंजर ट्रॉफी में इंडिया ग्रीन और इंडिया रेड की ओर से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
कैट में टॉप-50 में रुड़की की गुंजन
कॉमन एडमिशन टेस्ट(कैट) परिणाम में आईआईटी रुड़की से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कर रही छात्रा गुंजन सेठ ने देशभर में शीर्ष-50 में स्थान बनाया है। 99.98 परसेंटाइल के साथ कैट परीक्षा पास करने वाली गुंजन को आईआईएम अहमदाबाद से भी कॉल आई है।
कैट रिजल्ट मंगलवार को जारी हो गया। मूलरूप से दिल्ली निवासी गुंजन को पहले ही इंजीनियरिंग के दम पर एक कंपनी से 28 लाख सालाना पैकेज का ऑफर मिल चुका है।
पहली बार में हासिल की सफलता
गुंजन का कहना है कि अब उनके पास दो विकल्प हैं। या तो वह नौकरी ज्वाइन करें या फिर आईआईएम अहमदाबाद से प्रबंधन कोर्स करें। गुंजन के पिता संजय सेठ एनटीपीसी में जनरल मैनेजर हैं जबकि मां उपासना सेठ, दिल्ली विवि में प्रोफेसर हैं।
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गुंजन ने बताया कि उन्होंने पहली बार में यह सफलता हासिल की है। उन्होंने कैट की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी है कि पहले एक टारगेट निर्धारित कर लें। इसके बाद उसके लिए जीतोड़ मेहनत करें। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड होने के नाते उनके लिए कैट की राह ज्यादा आसान थी।