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2021 में महाकुंभ व राष्ट्रीय खेल की चुनौती से निपटने को केंद्र सरकार से की 5682 करोड़ रुपये की मांग
Sat, 22 Jun 2019 09:35 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sat, 22 Jun 2019 09:35 AM IST
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सतपाल महाराज
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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उत्तराखंड में साल 2021 में महाकुंभ और राष्ट्रीय खेल के आयोजन की चुनौती को देखते हुए कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने केंद्र सरकार से 5682 करोड़ रुपये का प्रावधान करने की मांग उठाई। वे नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित प्री बजट कंसल्टेशन की बैठक में उत्तराखंड सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
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महाराज ने कहा वर्ष 2021 में हरिद्वार में महाकुंभ होना है। इसके आयोजन के लिए एक वर्ष और सात माह का समय शेष है। वहां स्थाई कार्यों की स्वीकृतियां प्राथमिकता के आधार पर होनी हैं। ये सारे कार्य नवंबर 2020 तक हर हाल में पूरे होने हैं। महाकुंभ 2021 में जनवरी के पहले हफ्ते से आरंभ हो जाएगा। उन्होंने इस महाआयोजन के लिए 5000 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रावधान करने का अनुरोध किया। उन्होंने 2021 में ही उत्तराखंड में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेल के अवस्थापना कार्यों के लिए 682 करोड़ रुपये की मांग की। उन्होंने मनरेगा के तहत अकुशल श्रमांश के दिवसों को 95 से बढ़ाकर 125 करने की भी मांग रखी।
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साथ ही राज्य की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर उन्होंने आवास निर्माण के लिए प्रति लाभार्थी को मिलने वाली सहायता राशि को 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि दुर्गम स्थिति के चलते यहां निर्माण सामग्री के ढुलान की लागत बहुत अधिक है। उन्होंने सुझाव दिया कि पर्वतीय राज्यों में 150 आबादी के गांवों को भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से जोड़ा जाए।
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मानकों में 250 से अधिक आबादी की बसावटों को ही सड़कों से जोड़ने का प्रावधान है। उन्होंने योजना का नाम प्रधानमंत्री संपर्क सड़क योजना रखने का भी सुझाव दिया ताकि इसमें रोपवे सेक्टर शामिल हो सके। उन्होंने कहा कि इससे पहाड़ी राज्यों में पर्यटन की संभावनाएं बढेंगी। ट्रैफिक जाम व प्रदूषण का खतरा कम होगा। उन्होंने गौरीकुंड से केदारनाथ, नैनीताल रोपवे, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए प्रस्तावित रोपवे केंद्रीय सहायतित योजना में प्रावधान करने का अनुरोध किया। उन्होंने वित्त मंत्री को बताया कि प्रदेश में 1449 ग्राम पंचायतों के भवन निर्माण के लिए 289.80 करोड़ रुपये का प्रावधान करने का अनुरोध किया।
ये धनराशि उन्होंने तीन चरणों में मांगी। उन्होंने सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत केंद्रीय आवंटन बढ़ाने, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा के तहत संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन की संपूर्ण धनराशि का वहन 90:10 के अनुपात में करने, वृद्धावस्था पेंशन को 200 रुपये, 1000 या कम से कम 500 रुपये करने का अनुरोध किया। बैठक में केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य राज्यमंत्री अनुराग सिंह ठाकुर व अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, वित्तमंत्री एवं केंद्र व राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।