{"_id":"662590768fadcb4d150a5d14","slug":"saraswati-worship-started-in-jaunsari-language-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1046-396725-2024-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना प्रारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना प्रारंभ
विज्ञापन
स्थानीय बोली और भाषा को बढ़ावा देने के लिए कालसी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना प्रारंभ की गई है। इसे लेकर छात्रों के साथ ही शिक्षक भी उत्साहित हैं।
विद्यालय में उत्तराखंड की जौनसारी, राजि, बोक्सा, भोटिया तथा थारू जनजाति के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ ही छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें खेलकूद, कला, संगीत, व्यायाम, नाट्य कला आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। सरस्वती वंदना के दौरान बांसुरी, तबला आदि परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुनों का भी प्रयोग किया जा रहा है। प्रधानाचार्य सुधा पैन्यूली ने बताया कि जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना जौनसारी जनजाति के छात्र-छात्राओं ने ही तैयार की है। छात्रों का यह प्रयास सराहनीय है। छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना कर रहे हैं।
विज्ञापन
विद्यालय में उत्तराखंड की जौनसारी, राजि, बोक्सा, भोटिया तथा थारू जनजाति के छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ ही छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें खेलकूद, कला, संगीत, व्यायाम, नाट्य कला आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाता है। सरस्वती वंदना के दौरान बांसुरी, तबला आदि परंपरागत वाद्य यंत्रों की धुनों का भी प्रयोग किया जा रहा है। प्रधानाचार्य सुधा पैन्यूली ने बताया कि जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना जौनसारी जनजाति के छात्र-छात्राओं ने ही तैयार की है। छात्रों का यह प्रयास सराहनीय है। छात्र-छात्राएं उत्साह के साथ जौनसारी भाषा में सरस्वती वंदना कर रहे हैं।
विज्ञापन