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पूरी तहर से स्वस्थ हैं स्वामी सानंद
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 25 Sep 2013 03:04 PM IST
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स्वामी सानंद पूरी तरह स्वस्थ हैं। बुधवार दोपहर को
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डॉक्टरों ने उनका चैकअप किया। चेकअप में ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नॉर्मल
पाया गया। इसके साथ ही स्वामी सानंद को चढ़ रहा ग्लूकोज भी बंद कर दिया गया
है।
इससे पहले संत स्वामी सानंद को मंगलवार तड़के पौने चार बजे दून अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। उनका अल्ट्रासाउंड कराया गया तो गाल ब्लैडर में स्टोन निकले। स्वामी सानंद पैदल चल कर रेडियोलोजी विभाग तक गए थे। बोले-मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। एक किमी तक आराम से पैदल वॉक कर सकता हूं।
गाल ब्लैडर में स्टोन
दून अस्पताल में भर्ती करने के बाद उन्हें फौरन ड्रिप लगा दी गई थी। उनका ब्लडप्रेशर 150/80 था। शरीर का वजन 43 किलो और ब्लडशुगर 77 थी। सानंद ने कहा कि जब तपस्या शुरू की थी तो 56 किलो शरीर का वजन था। उन्हें डा. केसी पंत के अंडर में भर्ती किया गया है। डा. पंत ने बताया कि स्वामी के गाल ब्लैडर में बहुत छोटे-छोटे स्टोन हैं। इस बाबत सर्जन से राय ले लेंगे।
पढ़ें, हरिद्वार में फैल रहा डेंगू डंक, पांच की मौत
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अस्पताल में दिन भर मिलने आने वालों से स्वामी सानंद खुशमिजाजी के साथ बात करते रहे। उन्होंने बताया कि उन्हें अन्न छोड़े 104 दिन और जल छोड़े चार दिन हो गए हैं। तरल पदार्थ खिलाने के लिए नाक में नेजो गैस्ट्रिक ट्यूब डाला गया है।
बताया कि वे हरिद्वार स्थित आश्रम में सो रहे थे कि अचानक एसडीएम और सीओ पहुंचे और यहां लाकर भर्ती करा दिया। पुलिस का कहना था कि उल्टियां आने के बाद स्वामी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में स्वामी सानंद को प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें...
इससे पहले संत स्वामी सानंद को मंगलवार तड़के पौने चार बजे दून अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती किया गया था। उनका अल्ट्रासाउंड कराया गया तो गाल ब्लैडर में स्टोन निकले। स्वामी सानंद पैदल चल कर रेडियोलोजी विभाग तक गए थे। बोले-मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं। एक किमी तक आराम से पैदल वॉक कर सकता हूं।
गाल ब्लैडर में स्टोन
दून अस्पताल में भर्ती करने के बाद उन्हें फौरन ड्रिप लगा दी गई थी। उनका ब्लडप्रेशर 150/80 था। शरीर का वजन 43 किलो और ब्लडशुगर 77 थी। सानंद ने कहा कि जब तपस्या शुरू की थी तो 56 किलो शरीर का वजन था। उन्हें डा. केसी पंत के अंडर में भर्ती किया गया है। डा. पंत ने बताया कि स्वामी के गाल ब्लैडर में बहुत छोटे-छोटे स्टोन हैं। इस बाबत सर्जन से राय ले लेंगे।
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अस्पताल में दिन भर मिलने आने वालों से स्वामी सानंद खुशमिजाजी के साथ बात करते रहे। उन्होंने बताया कि उन्हें अन्न छोड़े 104 दिन और जल छोड़े चार दिन हो गए हैं। तरल पदार्थ खिलाने के लिए नाक में नेजो गैस्ट्रिक ट्यूब डाला गया है।
बताया कि वे हरिद्वार स्थित आश्रम में सो रहे थे कि अचानक एसडीएम और सीओ पहुंचे और यहां लाकर भर्ती करा दिया। पुलिस का कहना था कि उल्टियां आने के बाद स्वामी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात में स्वामी सानंद को प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
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