नारी निकेतन की संवासिनियां पहली बार डालेंगी अपना वोट
नारी निकेतन की संवासिनियों को उनके अधिकार मिलने लगे हैं। पहली बार यहां रहने वाली संवासिनियां वोट दे सकेंगी। सामान्य के साथ ही मूक बधिर संवासिनियों के लिए भी इसकी व्यवस्था की जा रही है। नारी निकेतन परिसर के भीतर ही इनके लिए बूथ बनाया जाएगा, जिसमें महिला कर्मचारी ही सभी व्यवस्थाएं देखेंगी।
नारी निकेतन में रहने वाली संवासिनियों के न तो पहचान पत्र थे और न ही आधार कार्ड। नारी निकेतन की स्थिति क्या सुधरी, अब संवासिनियों को सभी तरह की सुविधाएं मिलने लगी हैं।
पहली बार यहां रहने वाली संवासिनियों को मतदान का अधिकार दिया जा रहा है। बीएलओ की ओर से नारी निकेतन की 98 संवासिनियों की जानकारी पहचान पत्र बनाने के लिए ली गई है।
इनमें मानसिक रूप से कमजोर संवासिनियां भी शामिल है। वहीं, अधिकारियों की मानें तो वोट का अधिकार मानसिक रूप से कमजोर संवासिनियों को नहीं मिलेगा। ऐसे में सामान्य और मूक बधिर संवासिनियां ही अपना वोट डाल पाएंगी।
संवासिनियों को दी जाएगी ट्रेनिंग
जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि संवासिनियों को वोट डालने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इनके लिए अंदर ही निर्वाचन अधिकारियों की ओर से कैंप की व्यवस्था की जाएगी। इसमें उन्हें बताया जाएगा कि उन्हें अपने मतदान का अधिकार कैसे करना है। पहली बार मतदान करने वाली संवासिनियां कोई गलती न करें, इसलिए यह ट्रेनिंग हो रही है।
डीएम का है कहना
बीएलओ की ओर से भले ही मानसिक रूप से कमजोर संवासिनियों की भी जानकारी ली गई हो लेकिन ऐसी संवासिनियों के पहचान पत्र नहीं बनाए जाएंगे। जांच-पड़ताल कर देखा जाएगा कि कौन संवासिनी वोट देने के काबिल है। नियम के अनुसार वही संवासिनी वोट दे सकती है जिसकी दिमागी स्थिति सही हो। मूक बधिर संवासिनियों की दिमागी स्थिति ठीक होगी तो वह वोट अवश्य देंगी। जल्द ही इनके पहचान पत्र भी बन जाएंगे।
- रविनाथ रमन, जिलाधिकारी