गंगा स्नान के लिए उमड़ा साईं भक्तों का सैलाब
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के भारी विरोध करने के बावजूद रविवार को भक्तों ने साईं स्नान किया।
प्रशासन के रुख को देखते हुए साईं कुटुंब समिति ने हरकी पैड़ी पर साईं स्नान न करने का निर्णय लिया था। लेकिन प्रशासन ने हरकी पैड़ी पर स्नान की अनुमति देने से इंकार कर दिया।
इसलिए साईं भक्तों ने मध्य हरिद्वार के गोविंदपुरी स्थित गोविंद घाट पर सुबह नौ बजे स्नान किया। इस दौरान शांतिपूर्वक स्नान हुआ। शनिवार को साईं कुटुंब समिति की आपात बैठक शिवालिक नगर कार्यालय में हुई।
जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए डीएम ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। स्नानार्थियों की भीड़ को देखते हुए निर्णय लिया गया कि अब गोविंद घाट पर साईं भक्त स्नान करेंगे।
साईं समिति अध्यक्ष पूनम कपिल ने बताया कि सभी साईं भक्त साईं की प्रतिमाओं सहित गोविंद घाट पहुंचे। बैठक में सारिका मुनीष, प्रवीण, नितिन आदि ने भाग लिया।
राजनीति कर रहीं हैं उमा भारती
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि उमा भारती उनके बयान का विरोध कर राजनीति कर रहीं हैं।
उमा के गुरु उडुपी के संत स्वामी विश्वेष तीर्थ ने भी साईं बाबा का मुद्दा उठाने के लिए दूरभाष पर उन्हें बधाई दी है। ऐसे में वे अपने गुरु का भी विरोध कर रही हैं।
शनिवार को कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि वे किसी के दबाव में आने वाले नहीं हैं।
उमा भारती का बयान गैर जिम्मेदाराना हैं। गुरु द्रोह बुरी बात है। वे करोड़ों हिंदुओं के गुरु होने के नाते बड़ी जिम्मेदारी से साईं बाबा के विरुद्ध खड़े हुए हैं। उमा भारती इस समय महत्वपूर्ण पद पर हैं ऐसे में उन्हें हलकी बातों से बचना चाहिए।
शंकराचार्य से मिला पाकिस्तानी हिंदुओं का दल
इसके साथ ही रविवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद से पाकिस्तानी हिंदुओं का दल मिलने पहुंचा।
इस दौरान दल के लोगों ने शंकराचार्य को पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में बताया।