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क्या ढहलिया बैंक के मालिक हैं सचिन?

Sun, 28 Dec 2014 07:54 PM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 28 Dec 2014 07:54 PM IST
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sachin tendulkar mussoorie home dispute

महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर शुक्रवार को मसूरी में सपरिवार नए बंगले में रहने चले गए। इस बंगले को ‘ढहलिया बैंक’ के नाम से जाना जाता है। यह बंगला उनके मित्र संजय नारंग के नाम पर खरीदा गया है, पर सूत्रों का कहना है कि यह घर सचिन का ही है। ढहलिया बैंक और विवाद साथ-साथ चलते रहे हैं। लंढौर छावनी परिषद ने भी ढहलिया बैंक के लिए कई बार चालान किया है। अब भी इसका मामला न्यायालय में चल रहा है।

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सचिन तेंदुलकर मसूरी (लंढौर कैंट) के जिस बंगले में ठहरे हैं, उसमें छावनी क्षेत्र संबंधी नियमों का उल्लंघन कर व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण कराने का आरोप है। विवादित बंगले में तमाम सुविधाएं हैं, जिनके निर्माण के लिए नियमों को ताक पर रखा गया।
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भवन निर्माण मानचित्र पर अनुमति देने के लिए सेना और रक्षा संपदा विभाग में लंबे समय तक ठनी रही। मानचित्र पास होने के बाद भी टेनिस कोर्ट आदि के निर्माण को छावनी बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन माना है। मामले के हाई प्रोफाइल होने के कारण सेना और रक्षा संपदा के मध्य कमान मुख्यालयों से कई स्तर पर जांच हुई। जांच के बाद अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई छावनी परिषद ने शुरू कर दी थी, पर हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद अब मामला न्यायालय के विचाराधीन है। इसके अलावा इसी बंगले का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।

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मानचित्र पास करने में हुआ विवाद

sachin tendulkar mussoorie home dispute

बंगले के एक हिस्से की जर्जर हालत दिखाकर मरम्मत के लिए वर्ष 2012 में लंढौर छावनी परिषद के पास मानचित्र भेजा गया। इस पर तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल रणवीर यादव और मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) अशोक चौधरी के अलग-अलग मत थे। जनरल यादव ने बोर्ड में बहुमत होने पर मानचित्र पास कर दिया, जबकि सीईओ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताकर नियमों का उल्लंघन बताते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी।

क्या हैं आपत्तियां
संजय नारंग ने ढहलिया बैंक को आरएल दुग्गल से खरीदा था। संजय ने इसमें निर्माण के लिए अनापत्ति मांगी, लेकिन नहीं मिली। बाद में मरम्मत के नाम पर इस बंगले में भव्य निर्माण हुआ है। बंगले के पास महत्वपूर्ण रक्षा संस्थान आईटीएम (प्रौद्योगिकी प्रबंध संस्थान) है। छावनी और रक्षा संपदा के नियमों के मुताबिक 50 मीटर तक कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। मरम्मत के लिए भी रक्षा संस्थान से अनापत्ति लेना अनिवार्य है। इसके अलावा रक्षा संपदा विभाग संपत्ति के म्यूटेशन (संपत्ति के मालिकाना हक) की अस्पष्ट स्थिति और भवन मानचित्र में नियमों का अनुपालन नहीं है।

पहाड़ी शैली में बना है बंगला

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सचिन तेंदुलकर जिस बंगले में रहने गए हैं, वह करीब 100 साल पुरानी पहाड़ी शैली में बना है, लेकिन इसमें सभी सुविधाएं आधुनिक हैं। बंगले से मसूरी की विश्व प्रसिद्ध विंटरलाइन का सीधे दीदार किया जा सकता है। पांच सितारा जैसी सुविधाओं से युक्त यह भवन पहाड़ी शैली का अद्भुत नमूना बताया जाता है।

समुद्रतल से साढ़े सात हजार फीट की ऊंचाई पर पर स्थित ढहलिया बैंक बंगले में सचिन तेंदुलकर और संजय नारंग शुक्रवार दोपहर बोथवेल बैंक भवन से शिफ्ट हो गए। सूत्रों की मानें तो यह बंगला मुंबई के बाद सचिन तेंदुलकर का दूसरा आशियाना है। ढहलिया बैंक में संजय नारंग ने पिछले 29 नवंबर को पूजा-अर्चना के बाद गृह प्रवेश किया था।

ढहलिया बैंक बंगले की खूबी
-यह लगभग 1.672 एकड़ भू-भाग में फैला है। इसमें स्वीमिंग पूल, बिलियर्ड स्नूकर रूम, टेबिल टेनिस, लॉन टेनिस और बार रूम है। इसमें 50 सीटों वाला एक थियेटर भी बनाया गया है।

-यहां से चारों दिशाएं दिखाई देती हैं। इसके निर्माण में करीब दो साल से अधिक का समय लगा है।

-बंगले में छह शयन कक्ष हैं। इसकी छत पर पहाड़ी पठाल लगी है। पूरा भवन कीमती लकड़ी और पहाड़ी पत्थरों से बनाया गया है।

-भवन के चारों ओर पत्थर लगाए गए हैं और लकड़ी का काम किया गया है। देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास जैसा दिखता है।

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