दून के अर्श सजाएंगे सचिन का मसूरी हाउस
अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का दिल दून के युवा मोहम्मद अर्श की कारीगरी ने जीत लिया। उन्होंने मसूरी में बनने वाले अपने आशियाने को संवारने का जिम्मा अर्श को सौंप दिया है।
गोविंदगढ़ निवासी अर्श बांस की खपच्चियों से मनमोहक डिजायनर परदे बनाते हैं। इस समय देश की कई नामी गिरामी हस्तियों के घरों में उनकी कारीगरी अपना जलवा बिखेर रही हैं।
अर्श ने मंगलवार को एफआरआई (फारेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट) की राष्ट्रीय कांफ्रेंस के तीन दिवसीय शिल्प मेले में अपना स्टॉल लगा अपनी कलाकारी के नायाब नमूने पेश किए।
अर्श ने बताया कि वह ड्राइंग रूम, बेडरूम, पार्टीशन आदि की सजावट बांस की खपच्चियों से विभिन्न रंगों के परदे बनाकर करते हैं। तीन साल पहले अपना बिजनेस ऑनलाइन किया। आज उन्हें विदेशों से भी ऑनलाइन ऑर्डर मिल रहे हैं।
डिजायन देखकर हैरान रह गए सचिन
सचिन भी उनके डिजायन देखकर हैरान रह गए। इसके बाद सचिन ने अपने मसूरी के घर की सजावट का ऑर्डर दे दिया। यह आर्डर उन्हें दिसंबर तक पूरा करना है।
नई सोच से मिला ऊंचा मुकाम
अर्श बताते हैं कि उनका बांस का पुश्तैनी कारोबार था। पिता मो. हसन और मां शफीका चटाई बनाकर गुजारा करते थे। वर्ष 2001 में डीएवी कॉलेज से बीए करने के बाद वे कुछ समय तक बेरोजगार रहे। एक दिन आइडिया आया कि क्यों न इसी काम को नए तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
इसके बाद अर्श ने नए-नए डिजायन के बांस के पर्दे बनाना शुरू किया। वे वर्ष 2011 में बांस की खपच्चियों से क्रिकेट वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी बना चुके हैं। आज उनसे मिलने नामी इंटीरियर डिजायनर्स भी आते हैं।
जो अपनी थीम के मुताबिक अर्श से पर्दे बनवाते हैं। वे बताते हैं कि कपड़े के पर्दों की अपेक्षा उनके बांस के परदे सस्ते पड़ते हैं।
लता का घर, अटल का दफ्तर भी सजाया
वे कई हस्तियों का मन अपने हुनर के जादू से मोह चुके हैं। दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दफ्तर की सजावट वे कर चुके हैं। सजावट के बाद गायिका लता मंगेशकर ने अर्श को दस हजार का चेक दिया था, जिसे उन्होंने भुनाया नहीं। आज भी इसे संभाल कर रखा है।
वह मुंबई में गायक उदित नारायण, नितिन मुकेश, पंजाब में हंसराज हंस, नैनीताल में उत्तराखंड हाईकोर्ट के जस्टिस सुधांशु धूलिया के आवासों पर अपनी कारीगरी दिखा चुके हैं। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित समेत कई हस्तियां उनकी कला की तारीफ कर चुके हैं।
12 परिवारों का हो रहा गुजारा
कभी उनके परिवार का मुश्किल से गुजारा होता था पर आज अर्श के साथ 12 परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है। दून के गोविंदगढ़ में उनकी वर्कशाप है, जहां ये लोग भांति-भांति के परदे तैयार करते हैं।