राहुल की रैली को मेला कहकर जुटाई भीड़...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अरे बहनजी कोई हमको भी बता दो कि यहां क्या हो रहा है? काशीपुर के बाजीपुर गांव से परेड ग्राउंड पहुंचे उमर सिंह यह सवाल पास खड़ी एक महिला से पूछ रहे थे।
पढ़ें, सत्ता की भूखी है बीजेपीः राहुल गांधी
उन्होंने बताया कि हमारे गांव से दो बसों में भरकर लोग आए हैं। हमें बताया गया कि मेला देखने जाना है। बाजीपुर से आई 60 वर्षीय सरस्वती और कुसुम ने बताया कि हमें धोखे से लाया गया है। हमें नहीं मालूम था कि इतनी दूर लाया जाएगा है।
पढ़ें, देहरादून में राहुल छीन लेंगे इनकी कुर्सी
मैदान में इतने पोस्टर देखकर पता चला कि राहुल गांधी आ रहा है। अल्मोड़ा से आई 70 वर्षीय तुलसी देवी और मंसा देवी ने बताया कि वे घूमने आई हैं। उनके साथ गांव के बहुत से लोग आए हैं।
पढ़ें, घर बैठे ऐसे दूर करें वोटर कार्ड की गड़बड़ी
राहुल की रैली में शामिल होने परिवार परिवार सहित परेड ग्राउंड पहुंचे मेंहूवाला निवासी नूरजहां मोहम्मद का कहना था कि चाहे कुछ भी हो हम तो वोट कांग्रेस को ही देंगे। उनका कहना था कि मुसलिम समुदाय तो केवल कांग्रेस को वोट देता है।
रोटी, कपड़ा और मकान देने की बात कहेंगे...
राहुल गांधी की रैली में शामिल होने आए एक समूह में बैठे कुछ लोग आपस में बात कर रहे थे कि राहुल गांधी से मिलने का मौका मिलेगा तो उनसे रोटी, कपड़ा और मकान देने की बात कहेंगे।
पढ़ें, सत्ता की भूखी है बीजेपीः राहुल गांधी
जोर-शोर से नारे लगाते हुए महिलाओं का एक समूह लैंसडोन चौक पहुंचा। महिलाओं का यह समूह जोशीमठ से आया था।
पढ़ें, देहरादून में राहुल छीन लेंगे इनकी कुर्सी
समूह की अध्यक्ष धनेश्वरी राणा ने कहा कि महिलाओं को आगे लाने में इंदिरा गांधी का बड़ा योगदान है इसलिए वह और गांधी परिवार को हमेशा समर्थन देते हैं और देते रहेंगे।
मुख्यमंत्री को बधाई राहुल को समर्थन
डोल दमाऊ के साथ नाचते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत के समर्थक रैली में पहुंचे। पिथौरागढ़ के विधायक मयूर महर के साथ बड़ी संख्या में जोश के साथ समर्थक आए थे।
पढ़ें, घर बैठे ऐसे दूर करें वोटर कार्ड की गड़बड़ी
भीड़ में नाच रहे दयाकृष्ण भट्ट ने कहा कि वे मुख्यमंत्री को बधाई देने और राहुल गांधी की रैली को समर्थन देने आए हैं।
फिदायीन हमले के अलर्ट ने बदली रणनीति
राहुल गांधी की रैली से एक रात पहले पहले फिदायीन हमले का अलर्ट मिलते ही पुलिस को सुरक्षा रणनीति में बदलाव करने पड़े।
पढ़ें, घर बैठे ऐसे दूर करें वोटर कार्ड की गड़बड़ी
रैलीस्थल समेत रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी और भीड़भाड़ भरे बाजारों में पांच सौ से अधिक पुलिस और खुफिया कर्मियों को तैनात किया गया। उन्हें संदिग्धों पर पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई थी। रिजर्व में रखा गया पुलिस बल भी मैदान में उतारा गया।
पढ़ें, इस 'छिपी' हुई दवा ने किया गरीबी का इलाज
सूत्रों के मुताबिक शनिवार को अलर्ट आया कि राहुल गांधी पर फिदायीन खतरा मंडरा रहा है। महिला आत्मघाती हमलावर से सतर्क रहने के लिए कहा गया था।
रविवार को बढ़ा दी गई सुरक्षा
यह भी आशंका जताई गई थी कि गड़बड़ी फैलाने वाले लोग भीड़ वाले स्थानों पर वारदात कर सकते हैं। इसके बाद रविवार सुबह ही जौलीग्रांट से लेकर सहस्त्रधारा हैलीपैड, अकेता होटल और परेड ग्राउंड तक सुरक्षा बढ़ा दी गई।
पढ़ें, सत्ता की भूखी है बीजेपीः राहुल गांधी
रैलीस्थल में भी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच खुफियाकर्मी जमे रहे। महिलाओं को गहन तलाशी के बाद ही रैली स्थल तक जाने दिया गया। सुभाष रोड पर भाजपा महानगर कार्यालय के समीप 14 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे।
पढ़ें, देहरादून में राहुल छीन लेंगे इनकी कुर्सी
कनक चौक की ओर भी दस डिटेक्टर लगाए गए। रैली शांतिपूर्ण संपन्न होने पर पुलिस और खुफिया विभागों ने राहत की सांस ली।
इतनी रही फोर्स
सात एसपी, सात एएसपी स्तर के अधिकारी, 16 डीएसपी, 23 इंस्पेक्टर, 126 सब इंस्पेक्टर, 78 महिला एसआई, 70 हेड कांस्टेबल, 800 कांस्टेबल, 70 महिला कांस्टेबल और एक हजार से अधिक पीएसी के जवान तैनात किए गए।
पढ़ें, घर बैठे ऐसे दूर करें वोटर कार्ड की गड़बड़ी
एसपीजी, एनएसजी और केंद्रीय सुरक्षा एजंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहे। डीजीपी बीएस सिद्धू, आईजी रामसिंह मीणा, डीआईजी इंटेलीजेंस जीएन गोस्वामी, डीआईजी अमित सिन्हा, एसएसपी अजय रौतेला और एसपी सिटी नवनीत भुल्लर भी सुरक्षा का जायजा लेते रहे।