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'सेंसेक्स' की तरह रहा राहुल की रैली का हाल
ओमप्रकाश तिवारी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 24 Feb 2014 10:02 AM IST
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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली में भीड़ की आमद सेंसेक्स की तरफ गिरती-उछलती रही।
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दिन चढ़ता गया, भीड़ बढ़ती गई
परेड ग्राउंड में लोग सुबह दस बजे से पहुंचने लगे थे लेकिन बीच-बीच में वहां से चले भी जाते। इस बीच लोग आते भी रहते।
हालांकि जैसे जैसे दिन चढ़ता गया वैसे वैसे भीड़ बढ़ती गई। दोपहर 12 बजे जो कुर्सियां खाली थी वह 12.15 तक भर गईं।
सुबह 11 बजे
इस समय तक परेड ग्राउंड में बहुत कम लोग पहुंचे थे। मैदान में लगाई गई लगभग आधी कुर्सियां खाली थीं। लेकिन विभिन्न रास्तों से लोग लगातार आ रहे थे। जो लोग पहुंचे थे उनके लिए मैदान में पानी की व्यवस्था की गई थी।
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धूप तेज होने की वजह से अधिकतर लोग पानी पीने के लिए व्याकुल नजर आ रहे थे। मैदान में जो लोग खड़े थे वह पानी देने वाले के पास जाकर पानी का गिलास ले रहे थे लेकिन जो बैठे थे उन्हें भी कांग्रेसी कार्यकर्ता पानी बांट रहे थे।
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दोपहर 12 बजे
इस समय तक रैली स्थल पर काफी लोग पहुंच चुके थे। कुर्सियां लगभग फुल हो चुकी थीं। मंच से बार बार एनाउंस किया जा रहा था कि लोग अपना स्थान ग्रहण कर लें नहीं तो बाद में उन्हें बैठने के लिए जगह नहीं मिलेगी।
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फिर भी कई लोग थे कि बाहर ही टहल रहे थे। यह ऐसे लोग थे जो एक जगह बैठकर बोर नहीं होना चाह रहे थे। इनमें से अधिकतर लोग मैदान के बाहर घूमने भी चले जा रहे थे। उनका कहना होता कि जब राहुल गांधी आ जाएंगे तो वह भी आ जाएंगे।
दोपहर 12.30 बजे
इस समय मैदान भरना शुरू हो गया। बुद्धा चौक, दर्शनलाल चौक और एस्लेहॉल की तरफ से भीड़ का तांता सा लग गया। अपने हाथों में अपने समुदाय और कांग्रेस का झंडा बैनर लेकर लोग आने लगे थे।
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लोगों का एक झुंड मैदान में पहुंचता तो दूसरा आ जाता। किसी के आगे नारे लगाते लोग चल रहे थे तो किसी के आगे लोकनृत्य करते कलाकार चल रहे थे।
किसी झुंड के आगे ढोल दमाऊ वाले चल रहे थे। इस बीच कई झुंडों में लोग अपने नेता को कंधे पर बैठाकर भी पहुंचे।
दोपहर 1.30 बजे
इस समय तक मैदान के बाहर तक लोग खड़े होने लगे थे। हालांकि इस बीच कुछ लोग बाहर भी निकल जा रहे थे। मंच से स्थानीय नेता भाषण दे रहे थे लेकिन वह लोगों को आकर्षित नहीं कर पा रहा था।
अधिकतर लोगों की इच्छा थी कि राहुल गांधी जल्द मंच पर आएं। लोग एक दूसरे से समय पूछते और यह सवाल भी करते कि राहुल कितने बजे आएंगे?
दोपहर 2.30 बजे
इस समय तक लोगों का आना जारी था। हालांकि यह ऐसे लोग थे जिसे कोई न कोई नेता ला रहा था। कोई हरिद्वार से आ रहा था कोई टिहरी से। रामनगर से लोग आ रहे थे तो शहर से भी कांग्रेसी नेताओं का अपना जत्था पहुंच रहा था।
दोपहर 2.48 बजे
राहुल गांधी मैदान के पीछे की तरफ से मंच पर आ गए। अब लोगों की निगाहें मंच पर लग गई थीं। लोगों को उम्मीद थी कि राहुल गांधी आते ही अपना भाषण देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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पहले स्थानीय नेताओं ने बोलना शुरू किया। इस बीच कुछ महिलाएं मैदान से निकल कर जाने लगीं। पूछने पर कहा कि सुबह से बैठीं हैं परेशान हो गई हैं। अब घर जा रही हैं। एक और आदमी ने कहा कि हमारे लोग बिछुड़ गए हैं उन्हें खोजने जा रहे हैं।
दोपहर 3.25 बजे
राहुल गांधी माइक पर बोलने के लिए खड़े हुए तो पूरा मैदान राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे से गूंज गया। बहुत सारे लोग राहुल तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं कि भी नारे लगा रहे थे। हालांकि नारे लगाने वाले कांग्रेसी कार्यकर्ता थे ही।
अधिकतर नारे एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता लगा रहे थे। राहुल गांधी के लिए इन लोगों में जबरदस्त उत्साह नजर आया।
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राहुल गांधी ने अपने भाषण में जब भी महिलाओं और युवकों बात की नारेबाजी होने लगी। मोदी पर निशाना साधने वाले बयान पर तो युवा कांग्रेसियों में खासा उत्साह नजर आया।
दोपहर 3.54 बजे
राहुल गांधी ने भाषण देते हुए अचानक काफी जोश से कहा कि चुनाव हम जीतेंगे, हिंदुस्तान हमारा है... और अपना भाषण खत्म कर दिया। इसी के साथ जनता भी अपनी कुर्सियों से खड़ी हो गई।
हालांकि मंच से नेताओं ने राहुल के सम्मान में औपचारिकताएं पूरी करने लगे लेकिन राहुल को सुनने आए लोग मैदान से निकलने लगे थे। लोगों का हुजूम अब बाहर की तरफ हो गया था...।