उत्तराखंड के इस पर्व को राष्ट्रीय पर्व बनाएगा RSS!
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर्यावरण संरक्षण के लिए उत्तराखंड में मनाए जा रहे हरेला पर्व की सफलता से खुश है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के तैयारी कर रहा है। 22 जुलाई से नैनीताल में प्रारंभ हो रहे अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक सम्मेलन में संघ इसे राष्ट्रीय पर्व की तर्ज पर मनाने की घोषणा कर सकता है।
इसके लिए उत्तराखंड प्रांत से हरेला के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जिसे सर संघ चालक मोहन भागवत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही संघ उत्तराखंडी व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर लाने का प्रयास कर रहा है।
उत्तराखंड स्वयं सेवक संघ ने हरेला पर्व को प्रांत का पर्यावरण दिवस के रूप में मनाने के लिए कहा था। इसके बाद उत्तराखंड के साथ ही दिल्ली, एनसीआर और प्रांत से सटे दूसरे क्षेत्रों में भी हरियाली पर्व बड़े उत्साह से मनाया गया। इससे उत्साहित संघ का इरादा अब हरेला को राष्ट्रीय पटल पर लाने का है।
हरेला से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा उत्तराखंड
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने बताया कि संघ का उत्तराखंड प्रांत अखिल भारतीय प्रचारक सम्मेलन में हरेला से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। उत्तराखंड संघ के इस कार्य की समीक्षा तो की ही जाएगी साथ ही दूसरे सेवा कार्यों के विस्तारीकरण के संबंध में भी बात होगी।
माना जा रहा है कि संघ ने देश के प्रांत प्रचारकों का सम्मेलन काफी विचार मंथन के बाद ही नैनीताल में रखा है। अर्थ यह भी लगाया जा रहा है कि संघ पर्यावरण संरक्षण, गंगा सुरक्षा, हिमालय जल और जड़ी-बूटी सुरक्षा आदि अभियानों को गति देना चाहता है।
इन सबका केंद्र होने के कारण ही उत्तराखंड को अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक सम्मेलन के लिए चुना गया है। बताया गया कि सम्मेलन में मंडवा, झिंगोरा, भट्ट, गहत की दाल समेत अन्य उत्तराखंडी व्यंजन ही परोसे जाएंगे। इसके साथ ही संघ न्याय पंचायत स्तर तक अपनी पहुंच बनाने की तैयारी कर रहा है।