मोदी सरकार बनने के बाद बढ़ गई संघ की 2000 शाखा
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केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में संघ की शाखाओं में 2000 से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
मगर संघ इसका श्रेय सीधे मोदी को देने के पक्ष में नहीं है। उसका मानना है कि शाखाओं का बढ़ना मोदी नहीं बल्कि संघ की बढ़ रही स्वीकार्यता की वजह से है। स्वयं सेवकों का आचरण एवं संपर्क ही संघ के बढ़ने का औजार है।
वह लोकसभा चुनाव 2014 के अप्रत्याशित सियासी परिणामों को भी महज मोदी मैजिक का नतीजा नहीं मान रहा है। उसका कहना है कि यह परिणाम अंग्रेजों के भारत छोड़ने की घटना के बाद का सबसे बड़ा परिवर्तन है और यह बदलाव महज संघ या किसी अकेले व्यक्ति की वजह से नहीं है।
कामकाज पर आत्ममंथन के लिए हर साल होने वाली अखिल भारतीय प्रांत प्रचारकों की बैठक के दूसरे दिन चुनिंदा पत्रकारों से बातचीत करते हुए मनमोहन वैद्य ने ‘द गार्डियन’ अखबार की संपादकीय के शीर्षक का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 मई 2014 को सही मायने में अंग्रेजों ने भारत छोड़ दिया।
संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख वैद्य ने कहा कि समाज में परिवर्तन हो रहा है। परिवर्तन का माहौल बनाने के लिए कई लोगों ने काम किया है। उसमें से संघ भी एक है। मोदी शासन में शाखाओं की संख्या बढ़ते पर वैद्य ने कहा कि पीएम ने युवाओं पर जरूर प्रभाव डाला है।
संघ की शाखा में जाना साधना का कार्य
उन्होंने कहा कि संघ की शाखा में जाना साधना का कार्य है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि केंद्र में अपनी विचारधारा की सरकार होने की वजह से संघ के कामकाज में बाधा नहीं आएगी। उन्होंने संघ की शाखा और राजनीति को बिल्कुल अलग बताया।
इसके लिए केरल प्रांत का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि संघ का कार्य सबसे बेहतर इसी राज्य प्रांत में है। लेकिन वहां भाजपा की स्थिति अच्छी नहीं है। वैद्य ने कहा कि संघ के सतत बढ़ने की वजह उसके स्वयंसेवक हैं। उसके स्वयंसेवकों का आचरण एवं व्यवहार समाज को आश्वस्त करता है।
संघ से समाज को बढ़ रही अपेक्षा को स्वीकार करते हुए प्रचार प्रमुख ने कहा कि संघ बढ़ रहा है, तो अपेक्षा भी बढ़ रही है। वैद्य ने कहा कि बीते तीन वर्षों में संघ की शाखाओं का 28 प्रतिशत विस्तार हुआ है।
देश के 86 प्रतिशत तहसीलों में संघ की शाखा लग रही हैं। उन्होंने बताया कि शाखाओं की संख्या 51335 है। वर्ष 2012 से 15 के बीच 10 हजार शाखाएं बढ़ी हैं। इसमें बीते वर्ष दस प्रतिशत की वृद्धि हुई।
संघ के विस्तार पर मंथन
संघ के वर्तमान हालात पर चिंतन के अलावा उसके विस्तार की भी योजनाएं बनी हैं। संघ ने तय किया है कि वह कामकाज को अगले तीन साल में ग्राम पंचायत से ऊपर के स्तर न्याय पंचायत तक ले जाएगा।
हर न्याय पंचायत में संघ की शाखा लगेगी। वंचित तबके को संघ से जोड़ने की रणनीति पर शुक्रवार को मंथन होगा। संघ की योजना अगले वर्ष अपने प्रमुख रहे स्व. बाला साहब देवरस की जन्म सदी वर्ष के जरिए निचले तबके में समरसता लाने की है।