'स्वदेशी मिसाइल' से RSS रोकेगा चीन के कदम
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बाजारवाद की प्रतिस्पर्धा में देसी उत्पादों को नुकसान पहुंचा रहे चीन का रास्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उत्तराखंड से रोकेगा।
हालांकि चीनी उत्पादों के बहिष्कार की मुहिम पहले से चल रही है। लेकिन सरसंघ चालक मोहन भागवत के हरिद्वार में 28 नवंबर से नव सृजन शिविर में उद्बोधन के बाद यह अभियान अन्य स्थानों पर भी रफ्तार पकड़ लेगा।
चीनी उत्पादों के संबंध में संघ पहले से ही बाजार की नब्ज पर हाथ रखे है। दीपावली में चीनी उत्पादों पर चोट की गई। तब सिर्फ दीपावली में बिकने वाले चीनी उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया गया था।
संघ के जिम्मेदारों का कहना है कि तब चीनी उत्पादों की बिक्री में 30 से 40 फीसदी तक कमी आई थी। नव सृजन शिविर में चीन के उत्पादों के बहिष्कार का शंखनाद किया जाएगा।
उत्तराखंड से होगी मुहिम की शुरुआत
संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. हरीश रौतेला ने बताया कि नव सृजन शिविर में तकनीकी शिक्षा से जुड़े युवाओं को बुलाया गया है।
जरूरत युवाओं को ही समझाने की है कि स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल करें। उत्तराखंड से शुरुआत के बाद देश के अन्य प्रांतों में भी चीनी उत्पादों के बहिष्कार संबंधी मुहिम में गति आएगी।
संघ प्रमुख मोहन भागवत उन लोगों को भी स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करेंगे जो समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। संघ के जिम्मेदारों का कहना है कि चीनी उत्पादों के बहिष्कार करने के अभियान के साथ ही देश के उद्यमियों को ऐसे उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित भी किया जाएगा, जो बेहतर विकल्प बन सकें।
यह रहेगा लक्ष्य
- हर व्यक्ति अपने पड़ोस के तीन व्यक्तियों को चीनी उत्पादों के बहिष्कार के प्रति जागरूक करे।
- गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे।
- सामूहिक मिलन कार्यक्रमों में स्वदेशी अपनाने पर चर्चा होगी।
- स्कूल, कॉलेजों और कार्यक्रमों में स्वदेशी अपनाओ अभियान चलेगा।
- स्वदेशी उत्पादों के इस्तेमाल से संबंधित पत्रकों का वितरण।
नव सृजन शिविर में युवा आएंगे। इस मौके पर संकल्प लिया जाएगा। लोग व्यक्तिगत तौर पर स्वदेशी वस्तुओं के इस्तेमाल का संकल्प लेंगे।
- लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, प्रांत संघ चालक