लगातार 'कमजोर' हो रहा हिमालय, नहीं संभले तो पूरे देश में कहर बरपाएगा स्मॉग
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हिमालय लगातार कमजोर होता जा रहा है। अगर अब भी नहीं संभले तो पूरे देश की हालत दिल्ली में स्मॉग की तरह हो जाएगी। यह मुद्दा इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल में उठा।
इस दौरान ‘वैली आफ वर्ड्स’ में आरएस टोलिया फोरम लॉंच किया गया। इस मौके पर उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि लोग दिल्ली में स्मॉग की हालत देख चुके हैं।
साफ हवा के लिए अब जरूरी है कि हिमालय को सहेजा जाए। इसे सिर्फ पर्यटन स्थल न समझें। हिमालय को सहेजने के लिए जो लोग काम कर रहे हैं, उसे सबके सामने लाया जाए और सपोर्ट किया जाए।
मधुबन होटल के टाइटन हॉल में सांसद पीडी राय ने आरएसटी फोरम को लॉंच लॉंच किया। इस मौके पर डॉ. डोभाल ने कहा कि जीवन की सुरक्षा के लिए इको सिस्टम को सुरक्षित रखना जरूरी है। पलायन रोकने की कोशिश करने वालों को सपोर्ट करें।
इस मौके पर पूर्व मुख्य सचिव आरएस टोलिया पर लिखी पुस्तक एसेंशियल्स आफ डॉ. टोलिया का विमोचन किया गया। इस मौके पर एसके दास, बीके जोशी, मधुकर गुप्ता ने विचार व्यक्त किए गए।
तय हुआ कि इस मौके पर जो निचोड़ निकलेगा, उस संबंध में सरकार को सुझाव दिया जाएगा। इसके अगले सत्र माउंटेन इकोज में हिमालयी क्षेत्र में आ रहे बदलाव पर चर्चा की गई। हिमालयी इतिहासकार शेखर पाठक ने अस्कोट से अराकोट यात्राओं का विवरण दिया और बताया कि स्थिति पहले से बिगड़ रही है।
इसके बाद शेखर पाठक की ही पुस्तक एशिया की पीठ पर चर्चा हुई। इसमें विभिन्न हिमलायी क्षेत्रों को खोजने वाले नैन सिंह और किशन सिंह रावत पर चर्चा हुई। इस पर लोकेश ओहरी, एसएस पांगती, सुशील रमोला आदि मौजूद रहे।