अच्छी खबर: सरकारी अस्पतालों में नवजात को अब मुफ्त लगेगा रोटा वायरस का टीका
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उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में रोटा वायरस का टीका मुफ्त में लगाया जाएगा। बृहस्पतिवार को इस संबंध में निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. अंजलि नौटियाल ने निर्देश जारी किए। डायरिया की रोकथाम के लिए अभी तक यह टीका निजी अस्पतालों में लगाया जाता था। जिसके एवज में अभिभावकों से 1500 से 2000 रुपये वसूले जाते हैं। निदेशक ने टीकाकरण अभियान की समीक्षा की। जिस पर उन्होंने संतोष जताते हुए इसे और बढ़ाने के निर्देश दिए।
डॉ. अंजलि नौटियाल ने सभी 13 जिलों के टीकाकरण अभियान की समीक्षा करने के बाद बताया कि टीकाकरण में अपेक्षित सुधार हुआ है। एक वर्ष के भीतर प्रदेश में 17,624 बच्चों के नियमित टीकाकरण की निगरानी की गई थी। यह 92 फीसदी का स्तर है। इसे संतोषजनक कहा जा सकता है।
जबकि पिछले साल कुल 10247 बच्चों के टीकाकरण की निगरानी की गई थी। यह केवल 83 फीसदी पाया गया था। डॉ. नौटियाल ने बताया कि इस स्तर को 100 फीसदी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जनपद के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित किया कि टीकाकरण से कोई बच्चा न छूटे। जन्म के 24 घंटे के भीतर लगने वाले टीकों से कोई भी नवजात किसी भी हाल में छूटना नहीं चाहिए।
प्रवेश के वक्त जरूरी है टीकाकरण कार्ड
निदेशक डॉ. अंजलि नौटियाल ने बताया कि गत चार जनवरी 2019 को सचिव चिकित्सा नितेश कुमार झा की ओर से स्कूलों में प्रवेश संबंधी अधिसूचना जारी की गई थी। उसके बाद अब स्कूल में बच्चे के प्रवेश के वक्त उसका प्रतिरक्षण कार्ड जमा कराना अनिवार्य किया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पतालों के टीकाकरण कक्ष आकर्षित और बच्चों के मनोरंजन के लिहाज से विकसित किए जाएं। ताकि, आने वाले बच्चे और माताएं उत्साहित रहें। साथ ही कक्षों को पहले से ज्यादा साफ-सुथरा किया जाए।