रुड़की: विदेशी करेंसी के नाम पर ग्रामीण से दो लाख की ठगी करने वाले तीन लोग गिरफ्तार
पुलिस ने सालियर के पास एक महिला और दो लोगों को संदिग्ध हालात में देख हिरासत में लेकर पूछताछ की। तीनों ने विदेशी करेंसी के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकारी।
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सऊदी अरब की करेंसी रियाल के नाम पर एक ग्रामीण से दो लाख रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
भगवानपुर के ग्राम मोहितपुर निवासी आमिर ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि पांच अक्तूबर को उनकी एक महिला और दो लोगों से मुलाकात हुई थी। तीनों ने दो लाख रुपये के बदले रियाल देने की बात कही थी। उन्होंने तीनों को दो लाख रुपये दे दिए थे। तीनों ने एक कपड़े में लपेटकर रियाल बताते हुए थमाया और चलते बने। उन्होंने कपड़े को खोलकर देखा तो गड्डी के ऊपर और नीचे केवल सात नोट रियाल के लगाकर बीच में अखबार की रद्दी रखी गई थी। उसने तीनों की आसपास तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। बुधवार को थानाध्यक्ष पीडी भट्ट ने प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस ने सालियर के पास एक महिला और दो लोगों को संदिग्ध हालात में देख हिरासत में लेकर पूछताछ की। तीनों ने विदेशी करेंसी के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकारी।
थानाध्यक्ष ने बताया कि नूर मोहम्मद साजन खान निवासी भवाना, थाना इटाला, पुरानी दिल्ली, मोहम्मद यूसुफ निवासी सीमापुर, थाना सीमापुरी, पुरानी दिल्ली और मुक्ता शेख निवासी अहमदाबाद (गुजरात) को गिरफ्तार किया है। तीनों ने पूछताछ में बताया कि वे दिल्ली निवासी अतिवर के लिए विदेशी करेंसी का झांसा देकर ठगी करते हैं। उन्होंने दो लाख उसे भी दिए थे। तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
लोन दिलाने के नाम पर 1.80 लाख की ठगी
रुड़की में ही लोन दिलाने के नाम पर दूध कारोबारी से तीन लोगों ने नकली फाइनेंस कर्मचारी बनकर ठगी कर ली। पीड़ित ने अपनी रकम मांगी तो देने से इनकार कर दिया। तहरीर के आधार पर पुलिस तीनों के मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित गणेशपुर निवासी सुमित यादव ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले पंपलेट में लोन का विज्ञापन देखा था। पंपलेट पर एक फाइनेंस कंपनी का नाम और मोबाइल नंबर लिखा था। उन्होंने उस नंबर पर कॉल की तो चला कि फाइनेंस कंपनी का कार्यालय दिल्ली में है। इस पर उन्होंने बताया कि उन्हें जमीन खरीदने के लिए 80 लाख रुपये के लोन की जरूरत है। कॉल रिसीव करने वाले ने बताया कि उन्हें कुछ कागज जमा करने होंगे और लोन पास हो जाएगा।
इस बीच तीन लोग रुड़की उनसे मिलने आए और जरूरी दस्तावेज समेत एक कैंसिल चेक ले लिया। साथ ही एक माह के भीतर लोन पास होने की बात कही। वह किसी काम से बैंक गए और अपनी पासबुक चेक करवाई। पता चला कि उनके खाते से 1.80 लाख रुपये चेक के जरिये निकाले गए हैं। बैंक से चेक नंबर की जानकारी ली तो पता चला कि जो चेक उन्होंने कैंसिल करके लोन के लिए दिया था, उससे ही रकम निकाली गई है। उन्होंने तीनों के नंबर पर कॉल की, लेकिन रिसीव नहीं हुई। पीड़ित ने बुधवार को कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।