डॉक्टर नहीं अब 'रोबोट' करेगें सर्जरी, इस तरह होगा ऑपरेशन
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अब डॉक्टर नहीं बल्कि रोबोट भी सर्जरी करेंगे। चौंकने वाली बात नहीं है, टेक्नोलॉजी इतनी हाई हो गई है कि यह अब पूरी तरह से संभव हो गया है। उत्तराखंड में भी अब रोबोटिक सर्जरी होगी। बुधवार को अस्पताल में कंपनी ने रोबोटिक सर्जरी का डेमो दिखाया।
इसकी मशीन करीब 13 करोड़ की है। अभी इसे एम्स और पीजीआई चंडीगढ़ जैसे सरकारी संस्थानों में इस्तेमाल किया जा रहा है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीन खरीदने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
बगैर सर्जन इससे काम नहीं लिया जा सकता। इस रोबोट से प्रोस्टेट नेफ्रे क्टामी किडनी और अन्य सर्जरी हो सकेगी। रोबोटिक सर्जरी से डॉक्टरों को काफी फायदा मिलेगा। लेप्रोस्कोपी से ऑपरेशन में डॉक्टरों को ज्यादा समय तक ऑपरेट करना पड़ता है। जबकि, रोबोटिक में ऐसा नहीं होगा।
लंबे चीरों से मिलेगी निजात
रोबोटिक सर्जरी
यह रोबोट एक सर्जरी यंत्र है। इसका नियंत्रण सर्जन के हाथ में होगा। इसमें हाथ की तरह यंत्र होंगे और बीच में थ्री डी कैमरा होगा। एम्स के अलावा दिल्ली के कई प्राइवेट अस्पतालों में भी रोबोटिक सर्जरी की जा रही है।
लंबे चीरों से मिलेगी निजात
रोबोटिक सर्जरी से मरीजों को बहुत फायदा मिलेगा। अभी पेट की सर्जरी में काफ ी लंबा चीरा लगाना पड़ता है। लेकिन इसमें दो से तीन छोटे-छोटे किए जाएंगे।
कम बहेगा खून, खर्च भी कम
रोबोटिक सर्जरी में खून बहुत कम बहेगा। जब खून कम निकलेगा तो मरीज जल्दी ठीक होगा। दो से तीन घंटे बाद उसे घर भी भेजा जा सकेगा। साथ ही दवाइयों का खर्च भी काफी कम होगा।