आरटीओ कर्मचारी के घर पर हुई एक करोड़ 34 लाख रुपये की डकैती पर आयकर विभाग की नजर
- आयकर विभाग लेगा हिसाब, कहां से आया पैसा बेहिसाब
- डकैती के आरोपियों से पूछताछ में खुला आरटीओ कर्मचारी का राज अब होगा बेपर्दा
- आयकर विभाग पुलिस से मांगेगा जानकारी, की जाएगी आईटीआर की जांच
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एक आरटीओ कर्मचारी के घर पर एक करोड़ 34 लाख रुपये की डकैती अब आयकर जांच की जद में भी आ गई है। आयकर विभाग अब पुलिस से इस आरटीओ कर्मचारी की जानकारी मांगेगा। पुलिस ने मंगलवार को आरटीओ कर्मचारी के घर से 1.34 करोड़ रुपये की डकैती का खुलासा किया था। आरटीओ कर्मचारी विजय पार्क एक्सटेंशन निवासी है।
बुधवार को डकैती और आरटीओ कर्मचारी के घर से एक करोड़ 34 लाख रुपये की लूट का मामला सामने आने के बाद आयकर विभाग सक्रिय हो गया। आयकर विभाग ने अब कर्मचारी की जांच की योजना बनाई है। प्रधान आयकर आयुक्त सुनीति श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में वह एसएसपी से उक्त व्यक्ति की जानकारी मांगेंगी। इस जानकारी के बाद संबंधित व्यक्ति के आयकर रिटर्न की जांच की जाएगी। इस जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
मुश्किल होगा हिसाब देना
नोटबंदी के बाद जिस तरह से कैश के रखरखाव और लेन-देन पर सख्ती हुई है, ऐसे में घर में इतनी मोटी रकम रखने पर ही जवाब देना मुश्किल होगा। चूंकि वह सरकारी मुलाजिम है, इसलिए इनकम टैक्स रिटर्न से मिलान भी आसान न होगा।
पीड़ित शिकायत नहीं करेगा पुलिस दर्ज करेगी मुकदमा
बसंत विहार क्षेत्र में आरटीओ ऑफिस के कर्मचारी के परिवार को बंधक बनाकर एक करोड़ 34 लाख रुपये लूटने के मामले में अभी मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया है। पुलिस के अनुरोध के बावजूद पीड़ित पक्ष ने बुधवार को भी तहरीर नहीं दी। पुलिस कप्तान का कहना है कि यदि पीड़ित तहरीर नहीं देगा तो पुलिस अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज करेगी।
अभिमन्यु क्रिकेट एकेडमी के मालिक ईश्वरन की कोठी में हुई लूटपाट में गिरफ्तार बदमाशों ने पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया था कि 29 मई को उन्हाेंने बसंत विहार इलाके में एक आरटीओ कर्मचारी के घर डाका डाला था। यहां से करीब एक करोड़ 34 लाख रुपये लूटे थे। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पीड़ित कर्मचारी को बुलाकर अदनान का आमना-सामना कराया था। उस समय कर्मचारी लूटपाट की बात मान गया था। बुधवार को भी पीड़ित पक्ष की ओर से तहरीर नहीं आई, जिस कारण मुकदमा दर्ज नहीं हो सका।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने बताया कि बदमाशों से पूछताछ के दौरान आरटीओ कर्मचारी के आवास पर लूटपाट की बात सामने आई थी। पुलिस अपने स्तर से लुटेरों के बयानों की तस्दीक करा रही है। सत्यापन के बाद यदि पीड़ित पक्ष तहरीर नहीं देगा तो पुलिस अपनी तरफ से मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
‘वह कौन कर्मचारी है जिसको इतनी मोटी रिश्वत मिली थी’
परिवहन विभाग के कर्मचारी के घर एक करोड़ 34 लाख रुपये की लूटपाट का खुलासा होेने के बाद विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। लूटपाट के खुलासे के बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। यह भी चर्चा है कि वह कौन सा कर्मचारी है जिसको इतनी मोटी रिश्वत मिली थी?
पुलिस द्वारा नाम का खुलासा नहीं किए जाने की वजह से बुधवार को दिनभर इस बात को चर्चाएं होती रही कि आखिरकार ऐसा कौन सा कर्मचारी हो सकता है जिसके घर से इतनी बड़ी रकम लूटी गई और उसने घटना की जानकारी पुलिस के साथ विभागीय अधिकारियाें तक को नहीं दी। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में लूटी गई रकम को लेकर भी तरह तरह की चर्चाएं गर्म है।
सवाल उठा रहे हैं कि आखिरकार इतनी बड़ी रकम कर्मचारी के पास कहां से आयी? यदि यह रकम रिश्वत के जरिए इकट्ठा की गई तो वह कौन सा कर्मचारी है जिसको इतनी रिश्वत मिली थी कि उसने 1.34 करोड़ की नगदी घर में जमा कर ली। इतना ही नहीं यह भी चर्चा है कि यदि इतनी बड़ी रकम बदमाश लूटकर ले गए तो उसके पास कितनी प्रापर्टी होगी। दूसरी ओर पुलिस की ओर से खुलासा होने के बाद आरटीओ, एआरटीओ से लेकर कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही है। एक अधिकारी ने बताया कि आला अधिकारियों ने इस संबंध में कुछ भी बोलने से मना किया है।
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