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Dehradun News: पछवादून-जौनसार में भारी बारिश से नदियां उफान पर, आसन बैराज के खुले गेट
Tue, 28 Jul 2026 09:21 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 28 Jul 2026 09:21 PM IST
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पछवादून और जौनसार बावर क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। नदी और बरसाती नालों के उफान पर आने से तटीय बस्तियों और बाजारों पर संकट गहरा गया। अत्यधिक जलस्तर बढ़ने के कारण आसन बैराज के सभी गेट खोलकर पानी यमुना में छोड़ना पड़ा। वहीं, विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई में जगह-जगह हुए भारी जलभराव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सोमवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार सुबह 11 बजे तक जारी रहा। लगातार बारिश से टोंस, स्वारना, शीतला और आसन नदी के साथ-साथ शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाले बरसाती नाले भी उफान पर आ गए। इससे नदी-नालों के आसपास बसी बस्तियों और कृषि भूमि में पानी घुसने का खतरा बन गया। बारिश से लोगों की आम दिनचर्या भी रुक गई। नौकरीपेशा लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए। वहीं, विकासनगर, हरबर्टपुर, कालसी, चकराता, साहिया और त्यूणी के बाजारों में भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
गलियों में भरा पानी, घरों में कैद हुए लोग
लगातार बारिश से विकासनगर के भट्टा रोड, सिंगरा कॉलोनी, मुस्लिम बस्ती पहाड़ी गली, सिनेमा गली, कॉलेज रोड और देवदत्त मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए। इसी तरह, सेलाकुई के जमनपुर, मधु विहार, पीठवाली गली, सरस्वती विहार और निगम रोड में भी भारी जलभराव के कारण लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हुए।
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टोंस और अमलावा के रौद्र रूप ने डराया
पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद त्यूणी क्षेत्र में टोंस नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज बहाव के चलते नदी किनारे स्थित त्यूणी बाजार के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। बरसात के दिनों में नदी का पानी अक्सर दुकानों की नींव तक पहुंच जाता है। उधर, साहिया बाजार भी अमलावा नदी और सरला खड्ड के किनारे बसा है। सरला खड्ड में फिलहाल उफान नहीं है, लेकिन अमलावा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
नदियों का बढ़ रहा जलस्तर
यमुना नदी में खतरे का निशान 455.37 मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 455.21 मीटर पहुंच गया है। डाकपत्थर बैराज से 772.30 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। टोंस नदी में खतरे का स्तर 644.15 मीटर है और जलस्तर 643.70 मीटर दर्ज किया गया है। इच्छाड़ी बांध से 580.61 मीटर पानी छोड़ा गया है।
नदी और खड्ड के उफान पर आने से पूर्व में भी व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अमलावा और टोंस के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न खतरे को लेकर स्थानीय प्रशासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है, ताकि समय रहते बचाव के उचित कदम उठाए जा सकें। - विनोद कुमार भसीन, अध्यक्ष, व्यापार मंडल साहिया।
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सोमवार रात करीब 10 बजे शुरू हुई बारिश का सिलसिला मंगलवार सुबह 11 बजे तक जारी रहा। लगातार बारिश से टोंस, स्वारना, शीतला और आसन नदी के साथ-साथ शिवालिक पहाड़ियों से निकलने वाले बरसाती नाले भी उफान पर आ गए। इससे नदी-नालों के आसपास बसी बस्तियों और कृषि भूमि में पानी घुसने का खतरा बन गया। बारिश से लोगों की आम दिनचर्या भी रुक गई। नौकरीपेशा लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाए। वहीं, विकासनगर, हरबर्टपुर, कालसी, चकराता, साहिया और त्यूणी के बाजारों में भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
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गलियों में भरा पानी, घरों में कैद हुए लोग
लगातार बारिश से विकासनगर के भट्टा रोड, सिंगरा कॉलोनी, मुस्लिम बस्ती पहाड़ी गली, सिनेमा गली, कॉलेज रोड और देवदत्त मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए। इसी तरह, सेलाकुई के जमनपुर, मधु विहार, पीठवाली गली, सरस्वती विहार और निगम रोड में भी भारी जलभराव के कारण लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हुए।
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टोंस और अमलावा के रौद्र रूप ने डराया
पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद त्यूणी क्षेत्र में टोंस नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज बहाव के चलते नदी किनारे स्थित त्यूणी बाजार के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। बरसात के दिनों में नदी का पानी अक्सर दुकानों की नींव तक पहुंच जाता है। उधर, साहिया बाजार भी अमलावा नदी और सरला खड्ड के किनारे बसा है। सरला खड्ड में फिलहाल उफान नहीं है, लेकिन अमलावा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
नदियों का बढ़ रहा जलस्तर
यमुना नदी में खतरे का निशान 455.37 मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 455.21 मीटर पहुंच गया है। डाकपत्थर बैराज से 772.30 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। टोंस नदी में खतरे का स्तर 644.15 मीटर है और जलस्तर 643.70 मीटर दर्ज किया गया है। इच्छाड़ी बांध से 580.61 मीटर पानी छोड़ा गया है।
नदी और खड्ड के उफान पर आने से पूर्व में भी व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अमलावा और टोंस के बढ़ते जलस्तर से उत्पन्न खतरे को लेकर स्थानीय प्रशासन को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है, ताकि समय रहते बचाव के उचित कदम उठाए जा सकें। - विनोद कुमार भसीन, अध्यक्ष, व्यापार मंडल साहिया।