देवदूत बना गाइड विपिन: पर्यटक को डूबता देख गंगा की उफनती लहरों में कूदा, जान पर खेलकर ऐसे दी नई जिंदगी
गुरुग्राम का पर्यटक अविनाश जब गंगा की लहरों के बीच गया तो अनियंत्रित होकर डूबने लगा। जब साहसिक प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी में युवाओं को राफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहा मुख्य गाइड विपिन देवदूत बनकर आया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
युवा कल्याण विभाग देहरादून की ओर से साहसिक प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी में युवाओं को राफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहे मुख्य गाइड विपिन शर्मा ने गंगा में डूब रहे गुरुग्राम के पर्यटक अविनाश की जान बचाई। इसके बाद करीब 15 मिनट तक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) दिया। इससे पर्यटक करीब 40 से 45 मिनट बाद सामान्य हो गया। पर्यटक की जान बचने पर उनके दोस्तों ने आभार व्यक्त किया।
घटना 25 जनवरी अपराह्न करीब एक बजे की है। साहसिक प्रशिक्षण केंद्र शिवपुरी के मुख्य गाइड विपिन शर्मा केंद्र के कुछ युवाओं को मरीन ड्राइव से शिवपुरी के बीच राफ्टिंग का प्रशिक्षण दे रहे थे। विपिन ने बताया कि इस दौरान यूसुफ बीच के समीप उन्हें चीख-पुकार सुनाई दी। इस दाैरान पता चला कि एक युवक डूब रहा है। ऐसे में पर्यटक को बचाने के लिए उन्होंने सीटी बजाकर अन्य राफ्टों के गाइडों को भी उस स्थान पर जाने के लिए कहा। इस पर उनके सहायक गाइड जितेंद्र त्यागी ने पर्यटक को बचाने के लिए तुरंत गंगा में रस्सी फेंकी।
Uttarakhand: उत्तराखंड हाइड्रोजन नीति 2026 को मंजूरी, जानें धामी कैबिनेट के अहम निर्णय
फिर उन्होंने डूब रहे पर्यटक को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। पर्यटक को पकड़कर उसे किनारे ले आए। इस दौरान पर्यटक बेसुध हो गया था। उन्होंने पर्यटक को सीपीआर दिया, लेकिन उसका एयरवेज ब्लॉक (फेफड़ों तक हवा पहुंचने वाले रास्ते में रुकावट) हो गए थे।
उन्होंने पर्यटक के मुंह में हाथ डालकर उसका एयरवेज खोलने का प्रयास किया। फिर उन्होंने टीम के सदस्यों को सीपीआर देने के लिए कहा। करीब 15 मिनट तक सीपीआर देने और एयरवेज खुलने के बाद पर्यटक की सांसें चलने लगीं। इसके बाद उन्होंने 108 आपातकालीन सेवा को फोन किया। करीब 40 से 45 मिनट बाद पर्यटक की हालत सामान्य हो गई। 108 पहुंचने के बाद पर्यटक स्वयं वाहन में बैठकर अस्पताल की ओर रवाना हो गया।
दोस्त को बचा लिया, खुद पानी में बहने लगा
थाना मुनि की रेती प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि अविनाश अपने पांच दोस्तों के साथ शिवपुरी यूसुफ बीच पर घूमने गया था। गंगा में आचमन के दौरान एक दोस्त की चप्पल गंगा में बहने लगी। चप्पल को पकड़ने के लिए युवक जैसे ही आगे बढ़ा, वैसे ही वह गंगा के तेज बहाव में बहने लगा। दोस्त को गंगा में बहते देख अविनाश उसे बचाने के लिए गंगा में उतर गया। कड़ी मशक्कत के बाद पहला दोस्त तो बच गया, लेकिन अविनाश गंगा के तेज बहाव में डूबने लगा, जिसे बाद में गाइडों की मदद से मशक्कत के बाद बचाया गया।
गंगा में रीवर गाइड न केवल पर्यटकों को रोमांच का अनुभव कराते हैं, बल्कि उनकी जान भी बचाते हैं। ऐसे गाइडों को सम्मानित करना जरूरी है। पर्यटन विभाग और रोटेशन समिति को इस दिशा में पहल करनी चाहिए।
- दिनेश भट्ट, पूर्व अध्यक्ष गंगा नदी रीवर राफ्टिंग रोटेशन समिति
क्या कहते हैं चिकित्सक
अचेत (बेहोश) और सांस न ले रहे व्यक्ति के लिए सीपीआर जीवन रक्षक है, जो मस्तिष्क की क्षति को रोककर जीवित रहने की संभावना को दोगुना या तिगुना कर सकता है। हृदय गति रुकने की आशंका हो तो तत्काल सीपीआर शुरू कर देना चाहिए। दिमाग चार से पांच मिनट बिना ऑक्सीजन के रह सकता है। जितना प्रयास करेंगे जीवन की उतनी संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
- डॉ. अमित रौतेला, वरिष्ठ फिजिशियन, राजकीय उपजिला चिकित्सालय
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.