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ऋषिकेश: अब एम्स में भी करा सकते हैं एंटीबॉडी टेस्ट, पॉपुलेशन स्क्रीनिंग जांच की सुविधा भी शुरू
Wed, 02 Sep 2020 11:51 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 02 Sep 2020 11:51 PM IST
सार
- पॉपुलेशन स्क्रीनिंग जांच की सुविधा भी शुरू, राज्य भर के मरीजों को होगा फायदा
- उत्तराखंड का पहला सरकारी अस्पताल बना एम्स, जहां ये सुविधाएं उपलब्ध
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में कोविड-19 से ग्रसित मरीजों में एंटीबॉडी टेस्ट की सुविधा उपलब्ध हो गई है। साथ ही संस्थान में कोविड मरीजों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए पॉपुलेशन स्क्रीनिंग जांच भी शुरू कर दी गई है। एम्स उत्तराखंड में पहला सरकारी अस्पताल है, जहां रोगियों के लिए उक्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
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बुधवार को एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने संस्थान के बायोकैमेस्ट्री विभाग की एंटीबॉडी परीक्षण प्रयोगशाला का उद्दघाटन किया। निदेशक ने कहा कि उत्तराखंड में संस्थान द्वारा मरीजों के लिए यह पहली प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जिसमें पॉपुलेशन स्क्रीनिंग और प्लाज्मा थैरेपी की प्रक्रिया के लिए मरीजों की विभिन्न जरुरी जांचें की जा सकेंगी।
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एम्स में स्थापित उत्तराखंड की यह पहली प्रयोगशाला राज्यभर के मरीजों के लिए लाभप्रद होगी। बायोकैमेस्ट्री विभागाध्यक्ष प्रो. विवेकानंदन ने बताया कि कोविड मरीज के स्वस्थ होने के बाद उस व्यक्ति से किसी अन्य कोरोना संक्रमित मरीज की प्लाज्मा थैरेपी करने से पूर्व एंटीबॉडी टेस्ट की सुविधा इस प्रयोगशाला में शुरू कर दी गई है।
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उन्होंने बताया कि इस प्रयोगशाला में एसिम्टमेटिक (जिस मरीज में कोविड संक्रमण होने के बावजूद रोग के लक्षण नहीं पाए जाते हैं) मरीजों की गहनता से जांच की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि एक बड़ी मशीन में एक समय में 240 सैंपल लगाए जा सकेंगे, जिनका परिणाम एक घंटे में आ जाता है। जबकि, एक अन्य मशीन में 180 सैंपलों की जांच एक साथ की जा सकेगी। इस मशीन से 30 मिनट में परीक्षण के नतीजे प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस दौरान डीन (एकेडमिक) प्रोफेसर मनोज गुप्ता, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. गीता नेगी, मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रसन कुमार पांडा, डॉ. सरमा साहा, डॉ. कर्णवीर कौशल, बृजेश चंद रमोला, ज्योति तिवारी आदि मौजूद थे।