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गरीब बस्तियों में शिक्षा की किरण पहुंचा रहीं रिहाना
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बस्ती के बच्चों के साथ रिहाना सिद्दकी।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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विकासनगर तहसील के छोटे से गांव जमनीपुर तप्पड़ की रिहाना सिद्दीकी गरीब बस्तियों में शिक्षा की किरण पहुंचा रही हैं। उनका शिक्षा की अलख जगाने का सिलसिला बीते पांच साल से लगातार जारी है। शिक्षा के प्रति उनके इस समर्पण के चलते आज उनकी संस्था क्षेत्र में खूब लोकप्रिय है।
करीब पांच साल पूर्व उन्होंने सामाजिक सरोकार रखने वाले अपने कुछ साथियों के साथ वॉरियर गर्ल्स संस्था की स्थापना की थी। इसमें सदस्यों की संख्या अब बढ़ कर 40 पहुंच गई है। संस्था के माध्यम से रिहाना अपने साथियों के साथ मिलकर सेलाकुई, बाड़वाला और धौला तप्पड़ की गरीब बस्तियों के 75 से अधिक छात्रों को शिक्षित करने के साथ ही उनका विभिन्न सरकारी स्कूलों में दाखिला करा चुकी हैं।
रिहाना की संस्था के सदस्य गांव-गांव जाकर ड्रॉप आउट बच्चों का डाटा भी तैयार करते हैं, फिर बस्ती में ही पाठशाला स्थापित कर बच्चों को शिक्षित करने में जुट जाते हैं।
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रिहाना सिद्दीकी कहना है कि वह ग्रेजुएट हैं। उन्होंने नौकरी करने के बजाय गरीब बच्चों के बीच शिक्षा की रोशनी पहुंचाने की ठानी। इसमें उन्हें संस्था के सभी सदस्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है।
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जरूरतमंदों तक पहुंचाती हैं भोजन
संस्था के जरिये रिहाना जरूरतमंदों को भोजन भी उपलब्ध कराती हैं। उनकी संस्था ने करीब 11 ऐसे लोगों को चिह्नित किया हुआ है, जिनका कोई सहारा नहीं है। ऐसे लोगों तक संस्था का कोई न कोई सदस्य रोजाना खाना पहुंचाता है। इसके अलावा शादी या फिर किसी अन्य समारोह में खाना बचने पर भी रिहाना इसे इकट्ठा कर जरूरतमंदों तक पहुंचाती हैं।
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करीब पांच साल पूर्व उन्होंने सामाजिक सरोकार रखने वाले अपने कुछ साथियों के साथ वॉरियर गर्ल्स संस्था की स्थापना की थी। इसमें सदस्यों की संख्या अब बढ़ कर 40 पहुंच गई है। संस्था के माध्यम से रिहाना अपने साथियों के साथ मिलकर सेलाकुई, बाड़वाला और धौला तप्पड़ की गरीब बस्तियों के 75 से अधिक छात्रों को शिक्षित करने के साथ ही उनका विभिन्न सरकारी स्कूलों में दाखिला करा चुकी हैं।
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रिहाना की संस्था के सदस्य गांव-गांव जाकर ड्रॉप आउट बच्चों का डाटा भी तैयार करते हैं, फिर बस्ती में ही पाठशाला स्थापित कर बच्चों को शिक्षित करने में जुट जाते हैं।
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रिहाना सिद्दीकी कहना है कि वह ग्रेजुएट हैं। उन्होंने नौकरी करने के बजाय गरीब बच्चों के बीच शिक्षा की रोशनी पहुंचाने की ठानी। इसमें उन्हें संस्था के सभी सदस्यों का पूरा सहयोग मिल रहा है।
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जरूरतमंदों तक पहुंचाती हैं भोजन
संस्था के जरिये रिहाना जरूरतमंदों को भोजन भी उपलब्ध कराती हैं। उनकी संस्था ने करीब 11 ऐसे लोगों को चिह्नित किया हुआ है, जिनका कोई सहारा नहीं है। ऐसे लोगों तक संस्था का कोई न कोई सदस्य रोजाना खाना पहुंचाता है। इसके अलावा शादी या फिर किसी अन्य समारोह में खाना बचने पर भी रिहाना इसे इकट्ठा कर जरूरतमंदों तक पहुंचाती हैं।