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Dehradun News: अब खनन वाहनों में लगाया जाएगा आरएफआईडी
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देहरादून। अब खनन वाहनों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) लगाया जाएगा। इससे भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के गेटों पर लगे आरएफआईडी रीडर स्वत: उस वाहन से जुड़ी जानकारी को रीड कर लेंगे। इसके लिए वाहन चालक को अभिलेख दिखाने की आवश्यकता नहीं होगी, इससे समय की बचत होगी साथ ही गेट पर वाहनों की कतार नहीं लगेगी।
राज्य में 55 हजार खनन वाहन हैं जिनके माध्यम से खनिज ढुलान का काम होता है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से भी वाहन आते हैं। प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक राजपाल लेघा बताते हैं कि विभाग ने गेट तैयार किए हैं, जहां पर प्रपत्रों को देखा जाता है। अब सभी खनन वाहनों में आरएफआईडी लगाने की तैयारी है। आरएफआईडी में एक चिप होती है। इसमें वाहन से संबंधित सभी सूचनाएं होंगी। अब गेट पर आरएफआईडी रीडर लगा होगा, जैसे ही आरएफआईडी लगा वाहन पहुंचेगा उसको वह रीड कर लेगा। इससे यह भी पता रहेगा कि संबंधित वाहन में रॉयल्टी वाला खनिज लदा है या नहीं। रॉयल्टी नहीं चुकाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में खनिज ढुलान करने वाले वाहनों को प्रपत्र दिखाना होता है, उसमें लगने वाले समय की बचत होगी।
मार्ग पर चेक करने की व्यवस्था
खनन वाहनों के गेट के अलावा रूट पर भी चेक करने के लिए व्यवस्था की गई। निदेशक लेघा बताते हैं कि इसके लिए अधिकारियों को हैंडहेल्ड आरएफआईडी रीडर उपलब्ध कराया जाएगा। बाहरी राज्यों से जो वाहन खनिज ढुलान करते हैं, उनको भी आरएफआईडी लगाना होगा। जिन वाहनों में आरएफआईडी नहीं लगा होगा, उनको ई- रवन्ना जारी नहीं होगा। 15 सितंबर तक वाहनों में आरएफआईडी लगाने की समय तय किया गया है।
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राज्य में 55 हजार खनन वाहन हैं जिनके माध्यम से खनिज ढुलान का काम होता है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से भी वाहन आते हैं। प्रदेश में अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के निदेशक राजपाल लेघा बताते हैं कि विभाग ने गेट तैयार किए हैं, जहां पर प्रपत्रों को देखा जाता है। अब सभी खनन वाहनों में आरएफआईडी लगाने की तैयारी है। आरएफआईडी में एक चिप होती है। इसमें वाहन से संबंधित सभी सूचनाएं होंगी। अब गेट पर आरएफआईडी रीडर लगा होगा, जैसे ही आरएफआईडी लगा वाहन पहुंचेगा उसको वह रीड कर लेगा। इससे यह भी पता रहेगा कि संबंधित वाहन में रॉयल्टी वाला खनिज लदा है या नहीं। रॉयल्टी नहीं चुकाने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में खनिज ढुलान करने वाले वाहनों को प्रपत्र दिखाना होता है, उसमें लगने वाले समय की बचत होगी।
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मार्ग पर चेक करने की व्यवस्था
खनन वाहनों के गेट के अलावा रूट पर भी चेक करने के लिए व्यवस्था की गई। निदेशक लेघा बताते हैं कि इसके लिए अधिकारियों को हैंडहेल्ड आरएफआईडी रीडर उपलब्ध कराया जाएगा। बाहरी राज्यों से जो वाहन खनिज ढुलान करते हैं, उनको भी आरएफआईडी लगाना होगा। जिन वाहनों में आरएफआईडी नहीं लगा होगा, उनको ई- रवन्ना जारी नहीं होगा। 15 सितंबर तक वाहनों में आरएफआईडी लगाने की समय तय किया गया है।
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