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एक साल से फरार 20 हजार रुपये का जालसाज झारखंड से गिरफ्तार
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स्टार्टअप में निवेश का झांसा देकर लाखों ठगने वाले एक साल से फरार 20 हजार के इनामी जालसाज को कोतवाली पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया।
इस बाबत एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि राजपुर रोड निवासी राहुल सेतिया ने 21 जनवरी 2021 को कोतवाली पुलिस को शिकायत कर बताया था कि डालनवाला का राहुल अग्रवाल और मुजफ्फरनगर का विकास सिंह ने नया स्टार्टअप शुरू करने की बात कही थी और इसका मुख्यालय देहरादून में होने की बात कही थी। इसके माध्यम से स्कूलों में टैबलेट आपूर्ति करना था। निवेश करने पर पांच प्रतिशत लाभ मिलने की बात कही थी। इस आधार पर अनुबंध बनाया गया और 5.92 लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी कंपनी शुरू नहीं की गई। इस कंपनी का मालिक रणधीर कुमार प्रियदर्शी था।
इससे बार-बार पैसों की मांग की गई, लेकिन मना कर दिया। इसके बाद एक दिन वह देहरादून से भाग गया। जानकारी की गई तो पता चला कि उसने कई राज्यों में 70 डिस्ट्रीब्यूटर बनाए हुए हैं। इस पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। उसे पिछले साल फरार घोषित किया गया और उस पर 20 हजार का इनाम घोषित किया गया। जांच में पता चला कि रणधीर रांची में रह रहा है। एक टीम को वहां भेजा गया और गोपनीय पड़ताल के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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इस बाबत एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि राजपुर रोड निवासी राहुल सेतिया ने 21 जनवरी 2021 को कोतवाली पुलिस को शिकायत कर बताया था कि डालनवाला का राहुल अग्रवाल और मुजफ्फरनगर का विकास सिंह ने नया स्टार्टअप शुरू करने की बात कही थी और इसका मुख्यालय देहरादून में होने की बात कही थी। इसके माध्यम से स्कूलों में टैबलेट आपूर्ति करना था। निवेश करने पर पांच प्रतिशत लाभ मिलने की बात कही थी। इस आधार पर अनुबंध बनाया गया और 5.92 लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी कंपनी शुरू नहीं की गई। इस कंपनी का मालिक रणधीर कुमार प्रियदर्शी था।
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इससे बार-बार पैसों की मांग की गई, लेकिन मना कर दिया। इसके बाद एक दिन वह देहरादून से भाग गया। जानकारी की गई तो पता चला कि उसने कई राज्यों में 70 डिस्ट्रीब्यूटर बनाए हुए हैं। इस पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। उसे पिछले साल फरार घोषित किया गया और उस पर 20 हजार का इनाम घोषित किया गया। जांच में पता चला कि रणधीर रांची में रह रहा है। एक टीम को वहां भेजा गया और गोपनीय पड़ताल के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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