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अब लोगों को गंदा पानी नहीं पिला पाएंगे होटल-रेस्त्रां, गुणवत्ता मापने के निर्देश
Tue, 23 Jul 2019 03:03 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 23 Jul 2019 03:03 PM IST
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होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब लोगों को गंदा पानी नहीं पिला पाएंगे। भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पानी की गुणवत्ता अनिवार्य रूप से मापने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद उन्हें इसका प्रमाणपत्र भी लेना होगा। नियम लागू होने पर कई संचालकों ने पानी की गुणवत्ता की जांच करानी शुरू कर दी है।
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जल संस्थान की दिलाराम चौक स्थित स्टेट लेवल वाटर क्वालिटी टेस्टिंग एंड मॉनिटरिंग लैब में इसकी शुरूआत हो गई है। होटल-रेस्टोरेंट समेत अन्य सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया के तहत पानी की गुणवत्ता की जांच करवा रहे हैं। अब तक करीब 100 होटल व रेस्टोरेंट संचालक अपने-अपने प्रतिष्ठान में पिलाए जाने वाले पानी की जांच करवा चुके हैं। जबकि कई की जांच की प्रक्रिया चल रही है। प्रत्येक संस्थान और प्रतिष्ठान को वार्षिक फूड लाइसेंस लेने के लिए पानी की गुणवत्ता का प्रमाणपत्र लगाना अनिवार्य कर दिया है।
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शैक्षणिक संस्थानों को भी करानी होगी जांच
सभी शैक्षणिक संस्थानों को भी अपने यहां पिलाए जाने वाली पानी की अनिवार्य रूप से जांच करानी होगी। सीबीएसई ने भी इस संबंध में कुछ समय पूर्व निर्देश जारी किए थे। इसके बाद से स्कूल-कॉलेज संचालक अपने-अपने पानी की जांच करवा रहे हैं। विद्यालयों को प्रत्येक वर्ष पानी की जांच करवाकर गुणवत्ता का प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है।
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प्रदेश में काम कर रही 26 लैब
जल संस्थान की प्रदेशभर में 26 वाटर क्वालिटी टेस्टिंग एंड मॉनिटरिंग लैब चल रही है। इन सभी में 19 अलग-अलग मानकों पर पानी की गुणवत्ता की जांच की जाती है। कई मान्यता प्राप्त निजी लैब भी है।
केंद्र सरकार के निर्देश पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों में पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। शैक्षणिक संस्थान भी अपने पानी की जांच करवा रहे हैं। उसके बाद सही पाए जाने पर प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है।
-डॉ. विकास कंडारी, टेक्निकल मैनेजर
एफएसएसएआई के मानकों का होटल पूरी तरह पालन कर रहे हैं। पानी की गुणवत्ता की जांच होने से होटल का स्तर भी सुधरेगा। साथ ही लोगों का विश्वास भी बढ़ेगा।
- संदीप साहनी, अध्यक्ष, उत्तराखंड होटल एसोसिएशन