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देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार यह शख्स, बीवी को दफनाते वक्त भी करता रहा सियासत

Wed, 22 Nov 2017 07:56 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 22 Nov 2017 07:56 AM IST
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Responsible for the partition of country Mohammad Ali Jinnah story
भारत-पाकिस्तान

देश के बंटवारे के लिए जिम्मेदार इस शख्स के अड़ियलपन, हठ ने उनके पारिवारिक जीवन को भी नरक बना दिया था। यहां तक कि बीवी को दफनाते वक्त भी वह सियासत करते रहे। पढ़िए इस शख्स की कहानी...

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मोहम्मद अली जिन्ना के अड़ियलपन, हठ ने उनके पारिवारिक जीवन को नरक बना दिया था। इसी वजह से उनकी पत्नी रति जिन्ना आखिरी समय में गहरे अवसाद में रहीं।

हालत यह रही कि जब रति जिन्ना की मौत हो गई और उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जा रहा था, उस वक्त जिन्ना सियासी बातों में मशगूल रहे। यह बात रविवार को ‘वैली ऑफ वर्ड्स’ के सत्र ‘मिस्टर एंड मिसेज जिन्ना’ में बताई गई।
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‘वैली ऑफ वर्ड्स’ के इस सत्र में ‘मिस्टर एंड मिसेज जिन्ना’ पुस्तक की लेखिका शीला रेड्डी, सत्र के अध्यक्ष सेवा निवृत्त आईएफएस अधिकारी किरण डोशी औक रवि सिंह ने जिन्ना की जीवनकाल की कई परतें उधेड़ीं।
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रेड्डी ने बताया कि जिन्ना ने पारसी समुदाय की रति के साथ प्रेम विवाह किया था, लेकिन राजनीति में ऐसे फंसे कि घर नरक बन गया। रति का पूरा जीवन गहरे अवसाद में गुजरा। रति की मौत से जिन्ना को बहुत गहरा धक्का लगा। उसके बाद अड़ियलपन, हठ और बढ़ा तथा लोगों से मिलने-जुलने में कमी कर दी।

महात्मा गांधी से प्रभावित थी रति जिन्ना, लेकिन जिन्ना के डर से नहीं मिलती थी

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Mohammad Ali Jinnah

सत्र में बताया गया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कभी जिन्ना से बहुत अधिक देर तक बात नहीं की। वजह यह थी कि जिन्ना ने अपने जीवन में किसी पर विश्वास नहीं किया। गांधीजी इसी से जिन्ना से बात करने से परहेज करते रहे।

रति जिन्ना महात्मा गांधी से बहुत प्रभावित रहीं, लेकिन जिन्ना के डर की वजह से वह गांधीजी के कार्यक्रमों में भी न जा पातीं। इस दुख ने उन्हें गहराई तक प्रभावित किया।

डोशी ने बताया कि जिन्ना पाकिस्तान बनवा कर भारत में बाकी जिंदगी गुजारना चाहते थे, लेकिन बंटवारे के बाद दंगों से वह खौफजदा हो गए कि उनके इस कदम का कितना तबाही भरा अंजाम होगा।

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