प्रमोशन में आरक्षण: राहुल गांधी पर फूटा कर्मचारियों का गुस्सा, शुक्रवार से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
- जिला मुख्यालयों पर हुए विरोध प्रदर्शन, कल सभी दफ्तरों में होगा कार्य बहिष्कार
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प्रमोशन में आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने पर उत्तराखंड सरकार के जनरल और ओबीसी कर्मचारियों ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का पुतला फूंका। उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि बृहस्पतिवार तक पदोन्नति पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो कर्मचारी शुक्रवार को अपने-अपने कार्यालय में कार्य बहिष्कार कर देंगे।
बुधवार को एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी व प्रदेश महासचिव वीरेंद्र सिंह गुसांई के नेतृत्व में विभिन्न कर्मचारी संघों और परिसंघों के नेता और कर्मचारी बड़ी संख्या में घंटाघर के पास इकट्ठा हुए। यहां उन्होंने जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। हाथों में राहुल गांधी के नाम का पुतला कंधे पर उठाए उन्होंने कांग्रेस भवन की ओर रुख किया।
इस दौरान वे आरक्षण मुर्दाबाद, राहुल गांधी मुर्दाबाद, पदोन्नति में लगी रोक हटाई जाए के नारे लगा रहे थे। राजपुर रोड से होते हुए प्रदर्शनकारी जैसे ही एस्लेहॉल चौक के पास पहुंचे। वहां पहले से मौजूद पुलिस कर्मियों ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। प्रदर्शनकारी कांग्रेस भवन के बाहर जाने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। कर्मचारी वहीं सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान उन्होंने पुतले को आग लगा दी।
प्रदर्शन करने वालों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के ठाकुर प्रहलाद सिंह, अरुण पांडेय, मिनिस्टीरियल फेडरेशन के पूर्णानंद नौटियाल, सचिवालय संघ के राकेश जोशी, पंचम सिंह बिष्ट, वीएस रावत, शक्ति प्रसाद भट्ट, ठाकुर लखन सिंह रावत, जीतमणी पैन्यूली, अखिल भारतीय समानता मंच के वीपी नौटियाल, श्याम लाल शर्मा, जेपी कुकरेती, आशुतोष सेमवाल, वीके धस्माना, दिनेश डोभाल समेत कई अन्य कर्मचारी नेता मौजूद थे।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने बताया कि विरोध प्रदर्शन में महिला कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। हरिद्वार और चंपावत को छोड़कर सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का कार्यक्रम हुआ। दोनों जनपदों में बाद में कार्यक्रम होगा।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के फैसले का विरोध करने पर प्रदेश के कर्मचारियों में कांग्रेस अध्यक्ष व अन्य नेताओं के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पदोन्नति पर रोक नहीं हटाई तो 14 फरवरी को सभी अधिकारी कर्मचारी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। 20 फरवरी को महारैली होगी और उसी दिन प्रदेशव्यापी हड़ताल का एलान किया जाएगा।