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उत्तराखंड : बोतल से बाहर फिर निकलेगा आरक्षण का जिन्न, तैयारी में जुटे जनरल व एससी एसटी कर्मचारी संगठन
Mon, 22 Jun 2020 12:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 22 Jun 2020 12:37 PM IST
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धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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प्रदेश सरकार प्रमोशन में आरक्षण और सीधी भर्ती के रोस्टर विवाद को बेशक समाप्त मान कर चल रही हो, लेकिन इन दोनों मुद्दों पर कर्मचारी संगठनों में उबाल है। अपने-अपने मोर्चों पर जनरल ओबीसी और एससी एसटी कर्मचारियों से जुड़े संगठन नई जंग की तैयारी कर रहे हैं। अखिल भारतीय संगठनों की छाया में आरक्षण को मौलिक अधिकार बनाने की लड़ाई को नए सिरे से लड़ने की तैयारी है।
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इधर, सीधी भर्ती के आरक्षण रोस्टर से पहला पद जनरल को हटाकर एससी को देने से जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है। न्यायालय में अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए एसोसिएशन रोस्टर से जुड़े तथ्य हासिल करने में जुट गई है। इस तरह आरक्षण विवाद का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ सकता है।
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ताकत बढ़ाने में जुटा एससी एसटी कर्मचारी
प्रमोशन में आरक्षण की लड़ाई हारने के बाद प्रदेश के अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति से जुड़े कर्मचारी व सामाजिक संगठन अब अपनी ताकत बढ़ाने में जुट गए हैं। अभी कर्मचारियों के स्तर पर यह लड़ाई उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले लड़ी जा रही है। लेकिन एससी एसटी के हितों के संरक्षण और आरक्षण की लड़ाई को और ताकत देने के लिए सचिवालय में ही एससी एसटी कार्मिक कल्याण समिति का गठन किया है।
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एससी एसटी जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ ने भी प्रदेश में दस्तक दे दी है। परिसंघ की प्रदेश अध्यक्ष मटन लाल के मुताबिक, एक महीने में परिसंघ की प्रदेश व जिला इकाइयों का गठन कर लिया जाएगा। उसके बाद आरक्षण की जंग तेज की जाएगी।
रोस्टर के मुद्दे पर बेहद मुखर जनरल ओबीसी
प्रमोशन में आरक्षण की लड़ाई जीतने के बाद अब जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन सीधी भर्ती के रोस्टर के मुद्दे पर बेहद मुखर है। एसोसिएशन ने रोस्टर में पहला पद जनरल के स्थान पर एससी के लिए आरक्षित करने के खिलाफ आंदोलन की ठानी है। साथ ही एससी एसटी एट्रोसिटी एक्ट को लेकर भी एसोसिएशन खासा मुखर है और उसने इस कानून का दुरुपयोग रोकने को लेकर सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए 26 जून को एसोसिएशन से जुड़े सभी कर्मचारी रात में मोमबत्ती जलाकर विरोध करने जा रहे हैं। इसके बाद एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आगे की रणनीति तय होगी।
सीधी भर्ती रोस्टर से जनरल का पद हटाया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सूचना का अधिकार के माध्यम से हम यह जानकारी जुटा रहे हैं कि वर्ष 2001 के रोस्टर में आरक्षण को 18 से 19 प्रतिशत करने का क्या आधार था? उसके बाद पहला पद जनरल का करने और फिर उसे बदलकर एससी का करने का भी क्या आधार है। तथ्य और साक्ष्य प्राप्त होने के बाद हम रोस्टर में बदलाव के फैसले को अदालत में चुनौती देंगे।
- दीपक जोशी, प्रदेश अध्यक्ष, जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन
प्रमोशन में आरक्षण की लड़ाई जारी रहेगी। एससी एसटी समाज चुप नहीं बैठेगा। अखिल भारतीय परिसंघ की 28 जून को वर्चुअल रैली होगी। इस रैली से देश भर के 10 लाख से अधिक लोग सीधे जुड़ेंगे। इसमें आरक्षण को मौलिक अधिकार की लड़ाई को मजबूती देने के साथ एससी एसटी समाज के संरक्षण की रणनीति बनाई जाएगी।
- मटन लाल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष, एससी एसटी संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ