उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी आश्रितों के लिए खुशखबरी
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उत्तराखंउ राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को आउटसोर्सिंग से होने वाली भर्ती में दस फीसदी आरक्षण देने का फैसला सरकार ने लागू कर दिया है।
जबकि सरकारी नौकरी में आरक्षण के लिए विधानसभा में एक्ट लाया जाएगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह जानकारी शनिवार को राज्य आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल को दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नेअभी साठ साल से ऊपर के राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन देने का फैसला लिया है। अगर चिह्नित संख्या सीमित रहती है और एक मान्य सूची पेश की जाती है तो सरकार इसके लिए भी तैयार है।
आंदोलनकारी हो रहे हैं गुमराह : सीएम
राज्य आंदोलनकारियों को कोई गुमराह कर रहा है। मुख्यमंत्री ने यह बात उनके काफिले का घेराव करने पहुंचे राज्य आंदोलनकारियों से कही। सीएम चंदर रोड स्थित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
वहां उनके काफिले को रोककर उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच से जुड़े आंदोलनकारी ने बात की। सीएम कार्यक्रम स्थल से पैदल चलकर उनके पास पहुंचे और उनकी मांगों पर सरकार की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी घोषित करने का अधिकार केंद्र सरकार का है।
राज्य सरकार अपनी मांगों के लिए प्रतिबद्ध है। सभी को पेंशन देना मुश्किल है, क्योंकि राज्य आंदोलनकारियों की सूची बढ़कर एक लाख हो जाएगी। आंदोलनकारियों ने कहना था कि दस हजार से अधिक राज्य आंदोलनकारी नहीं होंगे।
इस मौके पर आंदोलनकारियों की ओर से नंदा वल्लभ पांडेय, सुधा नेगी, पुष्पा रावत, बीना भट्ट, विशम्बरी रावत, शंकर सिंह कन्याल, प्रभा, जयंती, शांति, राधा आदि मौजूद थे। सीएम के साथ मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार, राजीव जैन, सतबीर सिंह रावत आदि मौजूद थे।