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उत्तराखंड को राहत: SGST संग्रहण में 38 फीसदी का उछाल, कोविड महामारी से हुए आर्थिक झटके से उभर रहा कारोबार
Thu, 03 Mar 2022 03:39 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 03 Mar 2022 03:39 PM IST
सार
कोरोना की तीसरी लहर ज्यादा घातक साबित नहीं हुई। जिस वजह से कारोबार पर भी खास प्रभाव नहीं पड़ा। कारोबार उभरने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में एसजीएसटी संग्रहण में बढ़ोतरी हुई है।
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कारोबार
- फोटो : pixabay (file photo)
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विस्तार
कोविड महामारी से लगे आर्थिक झटके से अब कारोबार धीरे-धीरे उभर रहा है। जिससे चालू वित्तीय वर्ष में उत्तराखंड ने राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रहण में 38 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है। कर संग्रहण बढ़ने से सरकार को भी राजस्व को लेकर थोड़ी राहत मिली है। फरवरी तक राज्य ने 5361 करोड़ का एसजीएसटी संग्रहण किया है।
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फरवरी में टैक्स संग्रहण में हुई 2.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी
वित्तीय वर्ष 2020-21 में कोविड की दूसरी लहर के कारण कारोबार गतिविधियों को आर्थिक रूप से तगड़ा झटका लगा था, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर ज्यादा घातक साबित न होने से कारोबार पर खास प्रभाव नहीं पड़ा। कोरोना महामारी से कारोबार उभरने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में एसजीएसटी संग्रहण में बढ़ोतरी हुई है।
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पिछले वित्त वर्ष में फरवरी तक कुल 3863 करोड़ का एसजीएसटी संग्रहण किया गया था। इस बार यह बढ़कर 5361 करोड़ पहुंच गया है। यानी कर संग्रहण में लगभग 38 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। अकेले फरवरी में टैक्स संग्रहण में 2.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
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वैट से 2114 करोड़ का राजस्व
एसजीएसटी के अलावा उत्तराखंड को वैट से 2114 करोड़ का राजस्व मिला है। जीएसटी लागू होने के बाद भी पेट्रोल, डीजल, नेचुरल गैस, आबकारी पर वैट प्रणाली के तहत टैक्स लिया जाता है। वैट से मिलने वाला टैक्स राज्य सरकार को मिलता है। जबकि जीएसटी के रूप में मिलने वाले टैक्स का केंद्र और राज्य सरकार के बीच बंटवारा होता है। उत्तराखंड को विनिर्माण उद्योगों से मिलने वाला टैक्स का लाभ कम मिल रहा है। जिससे सरकार का सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने पर फोकस है।