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आयुर्वेद विवि में भर्ती करने के नाम पर वसूली, धूलिया को नहीं पकड़ पाई पुलिस
Sat, 23 Feb 2019 02:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 23 Feb 2019 02:24 PM IST
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डा. मृत्युंजय मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा के करीबी मृणाल धूलिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुए एक माह से ऊपर का समय बीत चुका है, बावजूद पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई। इससे जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं, मृणाल के कई आला अधिकारियों से संबंध को भी गिरफ्तारी में बाधा बताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है जल्द गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाएगी।
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आयुर्वेद विवि में मृणाल धूलिया की गहरी पैठ थीं। उन्हें पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा का करीबी माना जाता था। उन पर आरोप है कि उन्होंने विवि में नर्सिंग के 30 पदों पर भर्ती कराने के नाम पर युवाओं से 50 से 60 लाख रुपये हड़पे। बेरोजगार आयुर्वेदिक डिप्लोमा फार्मेसिस्ट संघ के अध्यक्ष आजाद डिमरी ने 11 जनवरी को उनके खिलाफ नेहरू कालोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उसके बाद पुलिस ने शुरू में कई जगह दबिश दी, लेकिन एक माह से ऊपर समय बीतने पर भी मृणाल, पुलिस की पहुंच से बाहर है।
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इस पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर तो सवाल उठ ही रहे हैं, साथ ही मृणाल के कई अधिकारियों से बेहतर संबंधों को भी वजह माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कई पूर्व अधिकारियों को मृणाल ने कई बार हवाई यात्राएं कराईं। इसके अलावा 31 दिसंबर की रात उन्होंने स्पोर्ट्स कॉलेज के पीछे एक फार्महाउस में थर्टी फर्स्ट की बड़ी पार्टी भी कराई थी। उसमें पार्टी में बार डांसर भी बुलाई थी। पार्टी में कई अधिकारी मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, हर्रावाला स्थित एक कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से यह हवाई टिकट बुक कराए गए थे।
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बताया जा रहा है उन अधिकारियों के दबाव में भी पुलिस की कार्रवाई धीमी पड़ रही है। हालांकि नेहरू कालोनी थाना प्रभारी थानाध्यक्ष राकेश शाह ने बताया कि मुकदमे में विवेचना अधिकारी का तबादला होने के कारण प्रक्रिया अटकी हुई थीं। अब नए विवेचना अधिकारी को लगाया गया है। जल्द टीम मुंबई में दबिश देने जाएगी। मामले में पक्ष जानने के लिए मृणाल धूलिया से संपर्क किया गया तो उनका फोन स्विच ऑफ था। जब उनका पक्ष आएगा तो प्रकाशित किया जाएगा।