उत्तराखंड: इस मामले में फसीं दून विवि की कुलपति, शासन ने दी पद से हटाने की संस्तुति
शासन ने दून विश्वविद्यालय की कार्यवाहक कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम् को हटाने की संस्तुति कर दी है। यह सिफारिश ऑडिट की गड़बड़ियों की जांच के आधार पर की गई है, क्योंकि इस गड़बड़ी में कुलपति का नाम भी शामिल है।
एक दिन पहले दून विवि के कुलसचिव डॉ.सुधीर बुड़ाकोटि ने शासन को पत्र भेजकर कुलपति के जांच प्रभावित करने के आसार जताए थे। दून विश्वविद्यालय में शासन और कार्यवाहक कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम् के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा है।
पहले प्रो. अरुणाचलम् ने शासन के उस आदेश का उल्लंघन किया, जिसके तहत डॉ.सुधीर बुड़ाकोटि को दून विवि का कुलसचिव नियुक्त किया गया था। उन्होंने कुलसचिव की नियुक्ति को सिरे से नकार दिया।
इसी बीच ऑडिट की गड़बड़ियों की रिपोर्ट पर शासन ने जांच बैठा दी। मुक्त विवि के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति इसकी जांच कर रही है।
बुधवार को कुलपति ने आदेश जारी किया कि कुलसचिव बुड़ाकोटि की नियुक्ति अवैध है और प्रो. एचसी पुरोहित को ही कुलसचिव माना जाएगा।
वहीं, कुलसचिव डॉ. बुड़ाकोटि ने भी शासन को पत्र भेज कहा था कि, चूंकि कुलपति की जांच होनी है, लिहाजा वह इस पद पर रहते हुए जांच प्रभावित कर सकती हैं। बृहस्पतिवार को शासन ने जांच के आधार पर विवि के कुलाधिपति एवं राज्यपाल डॉ.केके पाल को जांच पूरी होने तक कुलपति को हटाने की सिफारिश कर दी। इसका पत्र राजभवन भेज दिया गया है।
दून विवि में ऑडिट की गड़बड़ियों पर जांच बैठाई गई है। विवि की कार्यवाहक कुलपति प्रो. कुसुम अरुणाचलम् का नाम भी इस गड़बड़ी में शामिल है। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए राजभवन को फिलहाल जांच पूरी होने तक कार्यवाहक कुलपति को पद से हटाने की संस्तुति की गई है।
-रणबीर सिंह, अपर मुख्य सचिव